पाकिस्तानी जासूस वहाब आलम बांग्लादेश भागने की तैयारी में था, STF की पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम भारत से भागकर कुछ समय के लिए बांग्लादेश में पनाह लेने की योजना बना रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेशल…
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम भारत से भागकर कुछ समय के लिए बांग्लादेश में पनाह लेने की योजना बना रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की पूछताछ में उसने यह खुलासा किया है कि वह बांग्लादेश में कुछ समय बिताने के बाद एक नई पहचान और नए काम के साथ पश्चिम बंगाल वापस लौटना चाहता था।
सूत्रों के अनुसार, आलम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारत के पूर्वी हिस्से में सेना, नौसेना और रेलवे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ इकट्ठा करने के लिए भेजा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हुए एक सर्वे के बाद जब उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया, तो वह और पाकिस्तान में बैठे उसके आका सतर्क हो गए थे।
ISI की योजना और स्थानीय मददगार
आलम ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसके आकाओं ने ही उसे कुछ समय के लिए बांग्लादेश जाने की सलाह दी थी। इसके लिए उसे कोलकाता के टॉपसिया स्थित अपना पुराना ठिकाना छोड़कर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास किसी जिले में छिपने को कहा गया था। इसी योजना के तहत उसने उत्तर 24 परगना के हाबरा में शरण ली थी, जहाँ से STF ने उसे धर दबोचा।
STF ने आलम के नेटबुक की जांच के दौरान बांग्लादेश के जेसोर में सक्रिय पवेल नाम के एक अन्य ISI एजेंट की जानकारी भी जुटाई है। वहाब आलम को बांग्लादेश भागने के बाद इसी पवेल से संपर्क साधना था, जिसे उसके लिए एक सुरक्षित ठिकाने और नए काम का बंदोबस्त करना था।
फर्जी भारतीय पहचान पत्र और गिरफ्तारी
वहाब आलम से मिली जानकारी के आधार पर STF ने टॉपसिया से उसके स्थानीय सहयोगी मोहम्मद इजाज को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि आलम, इजाज के घर पर ही किरायेदार के तौर पर रहता था। इजाज ने ही उसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड जैसे फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने में मदद की थी। अधिकारियों ने बताया कि वहाब आलम साल 2012 में भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में घुसा था और तब से राज्य के अलग-अलग इलाकों में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।
इनपुट: IANS



