हरियाणा: एम्स रेवाड़ी को मिली 50 MBBS सीटों की मंज़ूरी, विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अहम ख़बर में, रेवाड़ी के माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को 50 MBBS सीटों के लिए मंज़ूरी मिल गई है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री…
हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अहम ख़बर में, रेवाड़ी के माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को 50 MBBS सीटों के लिए मंज़ूरी मिल गई है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान एक सदस्य के सवाल का जवाब देते हुए यह घोषणा की।
इस मंज़ूरी के साथ, यह संस्थान 2026-27 के सत्र से 50 MBBS छात्रों को प्रवेश दे सकेगा। गौरतलब है कि रेवाड़ी स्थित एम्स की स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत की जा रही है और यह देश का 22वां एम्स होगा। इसे एक मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त है।
राज्य में केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थान
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि हरियाणा में केंद्र सरकार से संबद्ध दो प्रमुख संस्थान हैं। इनमें से एक झज्जर के बाढ़सा में स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) है, जो एम्स नई दिल्ली का दूसरा परिसर है। यह कैंसर के इलाज, रोकथाम, अनुसंधान और मानव संसाधन विकास का एक प्रमुख केंद्र है। दूसरा महत्वपूर्ण संस्थान रेवाड़ी का यह नया एम्स है।
विधानसभा में अन्य विभागों के जवाब
सदन की कार्यवाही के दौरान अन्य मंत्रियों ने भी अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
पेयजल आपूर्ति: लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने हिसार शहर की पेयजल व्यवस्था पर जानकारी दी। सदस्य सावित्री जिंदल के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि शहर को भाखड़ा नहर से पानी मिलता है और सात नहर-आधारित संयंत्रों से आपूर्ति की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि पुरानी पाइपलाइनों के कारण कुछ हिस्सों में रिसाव और कम दबाव जैसी समस्याएँ हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए एक सर्वेक्षण किया जा रहा है।
सिंचाई व्यवस्था: सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने आदमपुर और नलवा विधानसभा क्षेत्रों में सिंचाई के पानी की आपूर्ति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों की 48 नहरों में से 47 में स्वीकृत रोटेशन शेड्यूल के अनुसार अंतिम छोर तक पानी पहुँचाया जा रहा है।
इनपुट: IANS



