केरल बाढ़: पथानमथिट्टा में फंसे मवेशियों और पालतू जानवरों के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान
केरल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच इंसानों के साथ-साथ जानवरों को बचाने की भी एक बड़ी मुहिम चल रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक पथानमथिट्टा में…
केरल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच इंसानों के साथ-साथ जानवरों को बचाने की भी एक बड़ी मुहिम चल रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक पथानमथिट्टा में, 'ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया' नामक संगठन ने हजारों फंसे हुए मवेशियों और पालतू जानवरों के लिए एक आपातकालीन राहत अभियान शुरू किया है।
पथानमथिट्टा के कई बड़े इलाके अब भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाना पड़ा है और वे अपने जानवरों को पीछे छोड़ने के लिए मजबूर हैं। पशुपालन यहाँ कई परिवारों की आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे जानवरों की हालत बेहद खराब है, जो जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राहत कार्य और पशु चिकित्सा
यह संगठन केरल के पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है। अभियान के तहत लगभग 20 टन सूखा पशु चारा बांटा जाएगा। इसके अलावा, पशु चिकित्सा टीमें मौके पर ही घायल और बीमार जानवरों का इलाज कर रही हैं और उन्हें दवाएं मुहैया करा रही हैं।
'ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया' की आपदा प्रतिक्रिया टीम के मैनेजर प्रवीण सुरेश ने कहा, "हालात हमारी उम्मीद से कहीं ज़्यादा खराब हैं। कई जगहों पर बाढ़ का पानी कमर तक भरा हुआ है, और कुछ इलाकों में यह लगभग छह फीट ऊंचा है।" उन्होंने बताया कि जानवर या तो सड़कों पर फंसे हैं या रुके हुए पानी में खड़े हैं और लगातार बारिश से उनकी हालत और बिगड़ेगी।
बाढ़ की भयावहता
प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, पथानमथिट्टा जिले के 10 से अधिक गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे 1,500 से ज्यादा मवेशी और अन्य बड़े जानवर प्रभावित हुए हैं। इस राहत अभियान से 2,500 से ज्यादा जानवरों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने राहतकर्मियों को बताया कि उन्होंने 2018 की विनाशकारी बाढ़ के बाद से इतना बड़ा जलभराव नहीं देखा है। इस बार कई गांव लगभग पांच दिनों से पानी में डूबे हुए हैं।
इनपुट: IANS



