रविवार, 26 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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आंध्र प्रदेश: बाढ़ का खतरा अब 6 घंटे पहले बताएगा AI सिस्टम, विजयवाड़ा से होगी शुरुआत

जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने और शहरों को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में आंध्र प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य ने…

आंध्र प्रदेश: बाढ़ का खतरा अब 6 घंटे पहले बताएगा AI सिस्टम, विजयवाड़ा से होगी शुरुआत
(फोटो: IANS)

जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने और शहरों को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में आंध्र प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य ने एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शहरी बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली विकसित की है, जो विजयवाड़ा में बाढ़ आने से छह घंटे पहले ही चेतावनी जारी कर देगी।

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इस प्रणाली को 'सिटी फ्लड अलर्ट' नाम दिया गया है, जिसे आंध्र प्रदेश सरकार की रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) और आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से तैयार किया है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की परिकल्पना के अनुरूप यह पहल आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग और शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

यह प्लेटफॉर्म सैटेलाइट आधारित भू-मानचित्रण (टेरेन मैपिंग), प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करता है। इसके तहत सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से एक उच्च-रिजॉल्यूशन डिजिटल एलिवेशन मॉडल (डीईएम) बनाया गया है, जिसमें विजयवाड़ा के हर वार्ड का डिजिटल नक्शा, जल निकासी नेटवर्क और बाढ़ संभावित क्षेत्रों का विस्तृत विवरण शामिल है।

लगभग 30 वर्षों के बुडामेरु नदी के बाढ़ संबंधी आंकड़ों के आधार पर इसका प्रेडिक्टिव मॉडल तैयार किया गया है। यह मॉडल विभिन्न वर्षा स्थितियों में बाढ़ के संभावित प्रभाव का सटीक आकलन कर सकता है।

क्या हैं इसकी प्रमुख क्षमताएं?

विजयवाड़ा, जो लंबे समय से बुडामेरु नदी के कारण बाढ़ की समस्या से जूझता रहा है, इस सिस्टम का पहला लाभार्थी होगा। यह प्रणाली न केवल 48 घंटे पहले बारिश का सटीक पूर्वानुमान देगी, बल्कि फ्लैश फ्लड की चेतावनी भी छह घंटे पहले जारी कर देगी।

यह सिस्टम वार्ड स्तर पर बाढ़ के हॉटस्पॉट की पहचान करेगा और उन नालों को भी चिह्नित करेगा जहां गाद जमा होने से जलभराव हो सकता है, ताकि बारिश से पहले ही सफाई जैसे निवारक कार्य किए जा सकें। खतरा महसूस होते ही यह प्लेटफॉर्म स्वतः सरकारी अधिकारियों, नगर आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और अन्य फील्ड एजेंसियों को अलर्ट भेज देगा, जिससे राहत और बचाव कार्यों के लिए त्वरित और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।

भविष्य की योजना

विजयवाड़ा में सफल कार्यान्वयन के बाद इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से आंध्र प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) तक विस्तारित करने की योजना है। इसका उद्देश्य एक राज्यव्यापी स्मार्ट शहरी बाढ़ निगरानी नेटवर्क विकसित करना है, जो हर शहर और कस्बे के लिए विशेष पूर्वानुमान और समय पर चेतावनी जारी कर सके।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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