शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

साइबर सुरक्षा पर सरकारी IT बजट का 15% खर्च हो: आईटी सचिव एस. कृष्णन

केंद्र सरकार ने देश में डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम सुझाव दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि सरकारी आईटी बजट का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा

साइबर सुरक्षा पर सरकारी IT बजट का 15% खर्च हो: आईटी सचिव एस. कृष्णन
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार ने देश में डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम सुझाव दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि सरकारी आईटी बजट का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा साइबर सुरक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर सुरक्षा को किसी भी प्रोजेक्ट में बाद में नहीं जोड़ा जा सकता, बल्कि इसे शुरुआत से ही यानी 'डिजाइन के स्तर पर' ही शामिल करना अनिवार्य है।

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कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित 'साइबरसिक्योरिटी 360 समिट' में बोलते हुए कृष्णन ने यह बात कही। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि कोई भी संगठन साइबर जोखिमों को हल्के में लेने की गलती नहीं कर सकता और इसके लिए लगातार सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने इंडस्ट्री से भी आग्रह किया कि वे साइबर सुरक्षा में सही मात्रा में संसाधन लगाएं और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा दें।

साइबर घटनाओं की तुरंत सूचना जरूरी

एस. कृष्णन ने उद्योगों से अपील की कि वे किसी भी साइबर घटना की जानकारी तुरंत 'इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (CERT-In) को दें। उनके अनुसार, यह कदम सामूहिक सुरक्षा और जानकारी साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि टेक्नोलॉजी के विकास और उसे लागू करने में 'सिक्योरिटी बाय डिजाइन' एक मुख्य सिद्धांत होना चाहिए।

रक्षा और भविष्य की तकनीक

इसी कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के सलाहकार डॉ. अमित शर्मा ने आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की वैश्विक दौड़ को एक बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने अत्याधुनिक AI मॉडल विकसित करने के लिए एक राष्ट्रीय रोडमैप बनाने का आह्वान किया। शर्मा ने जानकारी दी कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने अपने प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम के तहत बुनियादी AI मॉडल बनाने के लिए 'रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन' (RFI) जारी कर दिया है।

इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि क्वांटम कंप्यूटिंग के आने से पारंपरिक क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम बेकार हो जाएंगे। इसलिए, 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' की ओर बढ़ना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है।

बढ़ता साइबर हमले का दायरा

CII साइबर सुरक्षा टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. गुलशन राय ने बताया कि 5G और आने वाले 6G नेटवर्क जैसी तकनीकों के विस्तार ने बड़ी कंपनियों से लेकर छोटे व्यवसायों तक, सभी के लिए साइबर हमले का दायरा बढ़ा दिया है। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन CII ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और CERT-In की साझेदारी में किया था, जिसमें नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भारत की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा की।

इनपुट: IANS

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