शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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साबरकांठा: पुलिस की सतर्कता ने बुजुर्ग दंपति को 'डिजिटल अरेस्ट' से बचाया, 25 तोला सोना और 2 लाख रुपये लुटने से बचे

गुजरात के साबरकांठा जिले में एक बुजुर्ग दंपति साइबर ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया था और उनसे 25 तोला सोना और 2 लाख…

साबरकांठा: पुलिस की सतर्कता ने बुजुर्ग दंपति को 'डिजिटल अरेस्ट' से बचाया, 25 तोला सोना और 2 लाख रुपये लुटने से बचे
(फोटो: IANS)

गुजरात के साबरकांठा जिले में एक बुजुर्ग दंपति साइबर ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया था और उनसे 25 तोला सोना और 2 लाख रुपये की नकदी ऐंठने की फिराक में थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक बैंक कर्मचारी की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस बड़ी धोखाधड़ी को नाकाम कर दिया।

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मामला 75 वर्षीय रसिकभाई मोदी और उनकी पत्नी से जुड़ा है। ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर डराया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े सिम का इस्तेमाल 'नरेश गोयल' नाम के व्यक्ति से जुड़े एक वित्तीय घोटाले में हुआ है। लगातार वीडियो कॉल के जरिए दंपति को घर में ही 'डिजिटल अरेस्ट' करके रखा गया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई।

कैसे काम करता है 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम?

इस तरह की धोखाधड़ी में ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते हैं। वे पीड़ितों पर झूठे आपराधिक आरोप लगाकर उन्हें डराते हैं और मामले को रफा-दफा करने के नाम पर पैसे या कीमती सामान की मांग करते हैं। इस मामले में भी ठगों ने रसिकभाई मोदी का नाम कथित केस से हटाने के बदले पैसे मांगे थे। उन्होंने दंपति को 25 तोला सोना पिघलाकर बिस्कुट बनाने और 2 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने का निर्देश दिया था।

बैंक कर्मचारी ने बचाई जमापूंजी

धोखाधड़ी की यह कोशिश तब सामने आई जब बुजुर्ग दंपति पैसे का इंतजाम करने के लिए एक्सिस बैंक की एक शाखा में पहुंचे। वहां एक कर्मचारी ने दंपति को घबराया हुआ देखकर कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा जताया। उन्होंने बिना देर किए तुरंत साबरकांठा साइबर क्राइम पुलिस को सूचित कर दिया।

सूचना मिलते ही साइबर क्राइम की टीम बैंक पहुंची और दंपति को समझाया कि वे एक ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो रहे हैं। पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से बुजुर्ग दंपति की जीवन भर की कमाई लुटने से बच गई।

सरकार और पुलिस की अपील

यह घटना 'डिजिटल अरेस्ट' को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है। हाल ही में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वरिष्ठ पुलिस और बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए बेहतर तालमेल के निर्देश दिए थे। पुलिस ने भी लोगों, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती और न ही मामले सुलझाने के लिए पैसे मांगती है। ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन '1930' पर या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर देने की सलाह दी गई है।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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