कैलिफोर्निया: फोस्टर केयर से अमेरिकी कांग्रेस तक, आयशा वहाब ने रचा इतिहास
अमेरिकी राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए, कैलिफ़ोर्निया की स्टेट सीनेटर आयशा वहाब अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली अफगान-अमेरिकी बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, 39 वर्षीय वहाब…
अमेरिकी राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए, कैलिफ़ोर्निया की स्टेट सीनेटर आयशा वहाब अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली अफगान-अमेरिकी बन गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, 39 वर्षीय वहाब ने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए हुए विशेष चुनाव में यह महत्वपूर्ण जीत हासिल की। अपनी जीत को उन्होंने मतदाताओं को समर्पित करते हुए कहा कि यह परिणाम बताता है कि उनके जिले को खरीदा नहीं जा सकता।
प्रगतिशील डेमोक्रेट और अफगान शरणार्थियों की बेटी आयशा वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में अपनी ही पार्टी की मेलिसा हर्नांडेज को शिकस्त दी। वह पूर्व डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि एरिक स्वालवेल की जगह लेंगी, जिन्होंने यौन दुराचार के आरोपों के बीच अप्रैल में सदन से इस्तीफा दे दिया था। स्वालवेल ने इन आरोपों से इनकार किया है। वहाब अब स्वालवेल के कार्यकाल का बचा हुआ समय पूरा करेंगी, जो जनवरी में समाप्त हो रहा है।
कड़ा मुकाबला और बाहरी खर्च
यह जीत आयशा वहाब के लिए आसान नहीं थी, क्योंकि उनकी प्रतिद्वंद्वी मेलिसा हर्नांडेज के समर्थन में बाहरी संगठनों ने भारी धनराशि खर्च की थी। हर्नांडेज को एक उदारवादी उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा था। अमेरिकी इजरायल पब्लिक अफेयर्स कमेटी से जुड़ी एक सुपर पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ने अभियान के आखिरी हफ्तों में हर्नांडेज के पक्ष में लाखों डॉलर खर्च किए थे। इसके बावजूद वहाब ने जीत दर्ज की।
वहाब को कैलिफोर्निया डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस के अध्यक्ष ग्रेग कासर तथा भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल जैसे प्रमुख प्रगतिशील सांसदों का समर्थन हासिल था। वहीं, हर्नांडेज को मध्यमार्गी न्यू डेमोक्रेट कोएलिशन और कैलिफोर्निया के 11 कांग्रेसी सदस्यों का समर्थन प्राप्त था।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
आयशा वहाब की निजी कहानी उनके अभियान का एक अहम हिस्सा रही। बचपन में उनके पिता की हत्या कर दी गई और बाद में उनकी माँ का भी निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें अपनी बहन के साथ कुछ समय फोस्टर केयर में बिताना पड़ा। बाद में सैन फ्रांसिस्को बे एरिया के एक अफगान जोड़े ने उन्हें गोद ले लिया।
उन्होंने 2018 में हेवर्ड सिटी काउंसिल में सीट जीतकर चुनावी राजनीति में कदम रखा और चार साल बाद कैलिफोर्निया स्टेट सीनेट के लिए चुनी गईं। अपनी ऐतिहासिक जीत पर वहाब ने कहा, "फोस्टर केयर से कांग्रेस तक, यह सफर अमेरिकन ड्रीम की संभावना को दर्शाता है। आज इस जिले ने कांग्रेस के लिए पहली अफगान अमेरिकी को चुनकर इतिहास रचा है।"
यह मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ है। वहाब और हर्नांडेज के बीच नवंबर में एक बार फिर चुनावी टक्कर होगी, जो नए नक्शे के तहत बने जिले में पूरे कार्यकाल के लिए होगी।
इनपुट: IANS



