अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसा: एक और मौत के साथ मृतकों की संख्या 10 हुई, 3 गिरफ्तार
अहमदाबाद के रामोल इलाके में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सोमवार तड़के सिविल अस्पताल में भर्ती एक और घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। समाचार एजेंसी…
अहमदाबाद के रामोल इलाके में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सोमवार तड़के सिविल अस्पताल में भर्ती एक और घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैक्ट्री कथित तौर पर अवैध रूप से चल रही थी।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि गोविंद डामोर नामक व्यक्ति की सोमवार सुबह लगभग 2:15 बजे मौत हो गई। उनका शरीर 95 प्रतिशत से ज्यादा जल चुका था। गोविंद भी इस हादसे के कई अन्य पीड़ितों की तरह मूल रूप से दाहोद जिले के रहने वाले थे।
घायलों का इलाज और पुलिस की कार्रवाई
डॉ. जोशी के अनुसार, इस हादसे के बाद अस्पताल में कुल पांच लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें एक महिला और चार पुरुष शामिल थे। गोविंद डामोर के अलावा, एक महिला की हालत भी गंभीर बनी हुई है, जिनका शरीर 75 प्रतिशत से ज़्यादा जला है। दोनों का इलाज आईसीयू में चल रहा था।
बाकी तीन मरीज़ बर्न वार्ड में हैं। इनमें से एक 40 प्रतिशत और दूसरा 20 प्रतिशत जला है। अस्पताल के स्किन बैंक की मदद से इन मरीज़ों पर त्वचा का प्रत्यारोपण (स्किन ग्राफ्टिंग) किया गया है। प्लास्टिक सर्जरी टीम उनके जल्द स्वस्थ होने की कोशिश कर रही है, जबकि पांचवां मरीज स्थिर है।
अवैध फैक्ट्री और जांच
यह धमाका शनिवार दोपहर रामोल-गात्राड रोड पर स्थित 'न्यू गुजरात फायर वर्क्स' यूनिट में हुआ था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि फैक्ट्री का लाइसेंस खत्म हो चुका था, फिर भी वहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। धमाके के बाद लगी आग में कई मजदूर फंस गए थे।
पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री चलाने वाली रमीला डोडिया, उनके बेटे मेहुल डोडिया और एक अन्य पार्टनर सादिक सैयद को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है, जो सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और विस्फोटक के स्रोत की पड़ताल कर रहा है।
इनपुट: IANS



