अभिषेक बनर्जी को झटका: वॉयस सैंपल मामले में तत्काल सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार, 7 जुलाई को फैसला
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित भड़काऊ बयानों से जुड़े एक
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित भड़काऊ बयानों से जुड़े एक मामले में बनर्जी ने CID को वॉयस सैंपल देने से छूट की मांग की थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल (फास्ट-ट्रैक) सुनवाई की अर्जी खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर किसी भी सूरत में 7 जुलाई से पहले सुनवाई संभव नहीं है। यह सुनवाई अब जिला अदालत में वॉयस सैंपल के लिए उनकी पेशी से ठीक एक दिन पहले होगी।
जिला अदालत का नोटिस और हाईकोर्ट का रुख
इससे पहले, 1 जुलाई को उत्तर 24 परगना की एक जिला अदालत ने अभिषेक बनर्जी को दूसरा नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें 8 जुलाई को सुबह 10 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञों के सामने पेश होकर CID को अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया गया है। इसी नोटिस के खिलाफ बनर्जी ने हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया।
दिलचस्प है कि न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की पीठ ने ही पहले इस मामले में अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तारी जैसी किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया था कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा और सहयोग न करने पर CID को अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया था।
पहले भी एक जज ने किया था इनकार
यह मामला तब और उलझ गया था जब 30 जून को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने वॉयस सैंपल से छूट की याचिका पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति घोष ने टिप्पणी की थी कि अदालत यह तय नहीं कर सकती कि कोई जांच एजेंसी किस तरह से अपनी जांच करेगी। इसके बाद उन्होंने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग (रिक्यूज) कर लिया था। अब सभी की निगाहें 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल देना होगा या नहीं।
इनपुट: IANS



