यमन: ताइज़ और लहज प्रांतों में भीषण संघर्ष, 24 घंटों में 44 लोगों की मौत
यमन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों ताइज़ और लहज में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को सैन्य सूत्रों ने जानकारी दी कि…
यमन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों ताइज़ और लहज में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को सैन्य सूत्रों ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भीषण लड़ाई में दोनों पक्षों के कम से कम 44 लोग मारे गए हैं।
नाम न बताने की शर्त पर सरकारी सेना के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि दोनों पक्ष इन रणनीतिक इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैनिक और हथियार भेज रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने ताइज़ प्रांत के अल-कधा और अल-वाजियाह क्षेत्रों में सरकारी ठिकानों पर कई हमले किए, जिन्हें सेना ने विफल कर दिया।
अलग-अलग मोर्चों पर भारी नुकसान
विभिन्न मोर्चों पर हुई इन झड़पों में दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है। सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक:
- ताइज़ प्रांत: हूती विद्रोहियों के हमलों को नाकाम करने के दौरान सरकारी सेना के 6 जवान मारे गए, जबकि हूती समूह के 11 लड़ाके भी मारे गए।
- लहज प्रांत: यहाँ के कहबूब पर्वतीय क्षेत्र में जारी लड़ाई में सरकारी सेना के 12 जवान मारे गए।
- हूती पक्ष का दावा: हूती समूह के एक सैन्य सूत्र ने दावा किया कि कहबूब क्षेत्र में ही उनके एक कमांडर सहित 15 लड़ाके मारे गए हैं।
संघर्ष का मौजूदा संदर्भ
यह लड़ाई ऐसे समय में तेज हुई है जब हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर तट पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। उन्होंने 10 सितंबर को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा और 11 सितंबर को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित मय्यून (पेरिम) द्वीप पर कब्जा कर लिया था। गौरतलब है कि यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित देश के उत्तरी हिस्सों पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में, मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
इनपुट: IANS



