पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: महीनों की साजिश, फिल्में और फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का खुलासा
महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक गहरी और सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में 5,053 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें तीन लोगों को…
महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक गहरी और सुनियोजित साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में 5,053 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, इस चार्जशीट में पांच प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों को भी शामिल किया गया है, जो इस हत्याकांड की परतें खोलते हैं।
आरोपियों की पहचान सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के रूप में हुई है। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपियों ने शुरुआत में केतन को सिर्फ गंभीर रूप से घायल करने की योजना बनाई थी, जिसके लिए उन्होंने दूसरे राज्यों के कुछ लोगों से संपर्क भी साधा था।
साजिश और हत्या की तैयारी
पुलिस के अनुसार, जब आरोपियों को लगा कि बाहरी लोगों के पकड़े जाने से उनका राज खुल सकता है, तो उन्होंने योजना बदल दी और खुद हत्या को अंजाम देने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं और पुलिस से बचने के तरीकों पर कई पॉडकास्ट सुने। चार्जशीट के अनुसार, उन्होंने मेघालय के चर्चित सोनम हत्याकांड का भी अध्ययन किया था।
पुलिस के मुताबिक, इस साजिश पर मार्च 2026 से ही काम शुरू हो गया था और मई में हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया। इसके लिए सिया और चेतन ने लोणावला जाकर टाइगर प्वाइंट समेत कई पहाड़ी इलाकों की रेकी की। उन्होंने पाया कि टाइगर प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। आखिरकार, उन्होंने लोहगढ़ को चुना क्योंकि मार्च 2025 में वहां एक महिला की मौत हुई थी और उन्हें लगा कि केतन की मौत को भी सेल्फी लेते समय गिरने का हादसा बताया जा सकता है।
हत्या को अंजाम देने की कोशिशें
पुलिस ने बताया कि 4 जून को सिया ने लोहगढ़ जाने की जिद की। आरोपियों की योजना बाली जाने से पहले ही केतन को रास्ते से हटाने की थी। 6 जून को जब वे प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जा रहे थे, तब सिया ने खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया, जिससे बाली जाने की योजना रद्द हो गई।
इसके बाद 14 जून को सिया और केतन लोहगढ़ गए, जहां सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश की लेकिन असफल रही। फिर उसने 'सांप आया' कहकर उसे गिराने का प्रयास किया, लेकिन यह कोशिश भी नाकाम रही।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और अंतिम धक्का
पुलिस के अनुसार, जब सीधी कोशिशें नाकाम रहीं, तो तीनों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया, जिसमें एक परिचित लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। 18 जून को इसी अकाउंट से केतन को संदेश भेजा गया कि वह सिया को लोहगढ़ लेकर आए, जहां उसका जन्मदिन मनाकर सरप्राइज दिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस पूरी योजना के पीछे रितेश हांगे का दिमाग था।
चार्जशीट के मुताबिक, 18 जून को चेतन चौधरी दूसरे रास्ते से गढ़ पर पहुंचा और मंदिर में छिपकर बैठ गया। सिया के इशारा करते ही, जब केतन का ध्यान दूसरी ओर था, सिया ने पीछे से उसके कंधे पर और चेतन ने उसके पैर पर धक्का दिया। इसके बाद चेतन ने उसे लात मारी, जिससे केतन खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद 'माही' नाम का फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में डिजिटल सबूतों समेत अन्य सामग्री भी जुटाई है, जिसे चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है।
इनपुट: IANS



