PoK में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई, दो दिन में 40 लोगों की मौत का दावा
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई की खबरें आ रही हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस्लामाबाद के नियंत्रण के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई की खबरें आ रही हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने विभिन्न रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों के बल प्रयोग में कम से कम 40 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, UKPNP ने बुधवार को एक बयान में दावा किया कि ये मौतें 27 और 28 जुलाई के बीच रावलाकोट, मीरपुर और अन्य इलाकों में हुईं। इस कार्रवाई में दर्जनों अन्य लोग घायल हुए और कई लोगों को मनमाने ढंग से गिरफ्तार भी किया गया। संगठन ने PoK में बिगड़ते मानवाधिकार संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
लगातार बढ़ती हिंसा और मौतें
UKPNP के मुताबिक, यह हिंसा हालिया घटनाक्रम तक ही सीमित नहीं है। संगठन ने दावा किया कि 5 जून से अब तक क्षेत्र में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, सैकड़ों घायल हुए हैं और सैकड़ों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर जबरन लापता कर दिया गया है। इस कार्रवाई को "अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन" बताते हुए संगठन ने कहा, "शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक या गैरकानूनी बल का प्रयोग... अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है।"
अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग
इस बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अम्मान खान ने भी बुधवार को पाकिस्तानी बलों पर पिछले दो दिनों में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की "बेरहमी से हत्या" करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "सिर्फ दो दिनों में पाकिस्तानी बलों ने 38 शांतिपूर्ण कश्मीरी प्रदर्शनकारियों की बेरहमी से हत्या कर दी। यह कानून लागू करना नहीं, बल्कि अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे निहत्थे नागरिकों का नरसंहार है।"
दोनों ही संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और पाकिस्तान पर अपने मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया है। वहीं, अम्मान खान ने भी हिंसा तत्काल रोकने और मृतकों के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि "निर्दोष नागरिकों की मौत पर दुनिया चुप नहीं रह सकती।"
आरोपों के मुताबिक, पूरे क्षेत्र में कई दिनों से कड़ी नाकेबंदी, कर्फ्यू और संचार सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं।
इनपुट: IANS



