कूनो के चीते की मौत: शिकार के मामले में तीन गिरफ़्तार, चार वन अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले एक चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया…
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले एक चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लापरवाही के आरोप में चार वन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना कूनो से बाहर घूमने वाले चीतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मृत चीते की पहचान 19 महीने के नर शावक केएनजी-22 के रूप में हुई है, जो दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता निरवा की संतान था। यह शावक 25 अक्टूबर को मुरैना जिले के एक जंगल में घायल अवस्था में मिला था, जो कूनो नेशनल पार्क के संरक्षित क्षेत्र से बाहर का इलाका है।
जांच और इलाज का घटनाक्रम
वन विभाग की निगरानी टीम ने चीते को बचाकर इलाज के लिए पहले कूनो के पशु चिकित्सा केंद्र पहुँचाया। लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सीटी स्कैन में चीते के आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र में गंभीर चोटों का पता चला।
आपातकालीन सर्जरी के दौरान पशु चिकित्सकों को उसके शरीर से गोली के पाँच छर्रे मिले, जिससे शिकार की पुष्टि हुई। तमाम कोशिशों के बावजूद, चीते ने 27 अक्टूबर की सुबह दम तोड़ दिया। जांचकर्ताओं को शक है कि चीते पर पारंपरिक 'भरमार' बंदूक से गोली चलाई गई थी, लेकिन हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
प्रशासनिक और जांच-संबंधी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने मुरैना-श्योपुर इलाके में करीब 20 लोगों से पूछताछ की है और कई घरों की तलाशी भी ली है। इसी जांच के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने 27 अक्टूबर को वन और पुलिस अधिकारियों की एक चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। वहीं, केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय टीम को जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए भेजा है।
इनपुट: IANS



