शेयर ट्रेडिंग में 4% मासिक मुनाफे का लालच, 3.12 करोड़ की ठगी कर इंदौर में छिपा था मास्टरमाइंड
छत्तीसगढ़ के धमतरी में शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर हर महीने 4 प्रतिशत के भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने के मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी…
छत्तीसगढ़ के धमतरी में शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर हर महीने 4 प्रतिशत के भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने के मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए स्टांप पेपर पर बाकायदा इकरारनामा करता था और सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक भी देता था, ताकि उसकी धोखाधड़ी की योजना पर किसी को शक न हो।
आरोपी की पहचान विक्रम सिंह शाह (37) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से धमतरी का रहने वाला है और रायपुर में रह रहा था। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में एक विशेष टीम ने उसे इंदौर में घेराबंदी कर पकड़ा। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब बालोद जिले के 62 वर्षीय शिवकुमार साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि शाह ने उनसे और उनके परिवार से 25 लाख रुपये ठग लिए हैं।
ऐसे फंसाता था निवेशकों को
विक्रम सिंह शाह धमतरी के कलेक्ट्रेट रोड पर 'वेल्थ ट्रैकर' नाम से दफ्तर चलाता था। वह लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग ऐप में पैसा लगाने पर हर महीने 4% मुनाफे का वादा करता था। विश्वास पक्का करने के लिए वह नोटरीकृत इकरारनामा और सिक्योरिटी चेक देता था। शुरुआती कुछ महीनों तक वह निवेशकों को छोटा-मोटा लाभ देकर उनका भरोसा बनाए रखता था, लेकिन बाद में मूलधन और मुनाफे की रकम लौटाए बिना फरार हो गया।
कई लोगों से 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी
पुलिस जांच में पता चला है कि यह धोखाधड़ी 3.12 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की है। कुछ प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से 81 लाख, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख, भूषण सिन्हा से 28 लाख, चेतन सिन्हा से 16 लाख और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये की ठगी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक योजना के तहत कई निवेशकों से बड़ी रकम इकट्ठा की थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। उसकी लोकेशन इंदौर में मिलने पर टीम ने वहां पहुंचकर उसे 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी गई करोड़ों की रकम कहां लगाई गई है और इस मामले में और कौन-कौन शामिल है।
इनपुट: IANS



