मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिकी छात्र वीजा में देरी: 30 सीनेटरों ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र, शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की चेतावनी

अमेरिका में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है। वीजा प्रक्रिया में हो रही अभूतपूर्व देरी को लेकर 30 अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने गहरी…

अमेरिकी छात्र वीजा में देरी: 30 सीनेटरों ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र, शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की चेतावनी
(फोटो: IANS)

अमेरिका में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है। वीजा प्रक्रिया में हो रही अभूतपूर्व देरी को लेकर 30 अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने गहरी चिंता जताते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो कई छात्र समय पर अपनी कक्षाएं शुरू नहीं कर पाएंगे।

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मेन के इंडिपेंडेंट सीनेटर एंगस किंग के नेतृत्व में इन सांसदों ने एक पत्र लिखकर एफ, एम और जे श्रेणी के छात्र और एक्सचेंज विजिटर वीजा आवेदनों के निपटान में तेजी लाने का आग्रह किया है। उन्होंने इस बात पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि कई अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में वीजा इंटरव्यू के लिए अपॉइंटमेंट ही उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों में अनिश्चितता का माहौल है।

सीनेटरों की मुख्य चिंताएं और मांगें

पत्र में विदेश मंत्रालय से छात्र वीजा आवेदनों के इंटरव्यू और प्रोसेसिंग को फिर से प्राथमिकता देने की मांग की गई है। सीनेटरों ने लिखा, "हम उन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वीजा अपॉइंटमेंट उपलब्ध न होने को लेकर चिंतित हैं, जो कक्षाएं शुरू होने और नए शैक्षणिक वर्ष से पहले अमेरिका पहुंचना चाहते हैं।" उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ अमेरिकी मिशनों में समय पर अपॉइंटमेंट नहीं मिलने से छात्रों की यह चिंता बढ़ रही है कि उन्हें पढ़ाई शुरू होने से पहले वीजा मिलेगा भी या नहीं।

इसके अलावा, सांसदों ने कई अन्य कदम उठाने का भी सुझाव दिया है, जिनमें वापस लौटने वाले सत्यापित छात्रों के लिए इंटरव्यू में छूट का विस्तार करना, दूतावासों में पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करना और पूरी प्रक्रिया में आवेदकों व शैक्षणिक संस्थानों के लिए अधिक पारदर्शिता लाना शामिल है।

अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर

सीनेटरों ने इस मुद्दे के दूरगामी परिणामों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह समस्या ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों को दुनिया भर से प्रतिभाशाली छात्रों और विशेषज्ञों की सख्त जरूरत है। उन्होंने पत्र में लिखा, "अगर इसका समाधान नहीं निकाला गया, तो शिक्षा और कुशल प्रतिभाओं की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।"

आर्थिक योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग 43 अरब डॉलर का योगदान करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 शैक्षणिक वर्ष के दौरान उन्होंने 3.55 लाख से अधिक अमेरिकी नौकरियों का समर्थन किया। पत्र में यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिकी उच्च शिक्षा प्रणाली में कुल छात्रों का लगभग 6 प्रतिशत हैं, लेकिन उनके दाखिले से विश्वविद्यालयों को महत्वपूर्ण आय होती है।

सीनेटरों के अनुसार, यह सिर्फ आर्थिक मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्र "वैश्विक संबंधों, विभिन्न संस्कृतियों की समझ और लंबे समय तक चलने वाले कूटनीतिक संबंधों को बढ़ावा देकर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत बनाते हैं।"

इनपुट: IANS

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