मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

नेपाल में मानसून का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 27 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा परिवार प्रभावित

नेपाल में सितंबर के आखिरी हफ्ते में हुई भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। देश के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 से 28 सितंबर के बीच बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी…

नेपाल में मानसून का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 27 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा परिवार प्रभावित
(फोटो: IANS)

नेपाल में सितंबर के आखिरी हफ्ते में हुई भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। देश के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 से 28 सितंबर के बीच बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं में कम से कम 27 लोगों की जान चली गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन घटनाओं में सात लोग घायल हुए हैं और चार अन्य अब भी लापता हैं।

विज्ञापन

मानसून से जुड़ी इन आपदाओं का असर बेहद व्यापक रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 513 घटनाओं में 1,065 से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इन आपदाओं के कारण 225 घर पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि 137 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, 27 पशुशालाएं और 114 मवेशी भी इस प्राकृतिक कहर की चपेट में आए।

राहत कार्य और बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण

सरकार ने प्रभावित इलाकों में बचाव, राहत और पुनर्वास के प्रयासों में तेजी लाने की बात कही है। बयान में कहा गया है कि क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और सामान्य जीवन को पटरी पर लाने के लिए संबंधित एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है।

बाढ़ और भूस्खलन ने देश के सड़क नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। देशभर में राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर 147 जगहों पर यातायात बाधित हुआ। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 125 स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा कर सड़कों को फिर से खोल दिया गया है। पश्चिमी नेपाल में कालीगंडकी कॉरिडोर पर यातायात अभी भी बाधित है, जहां भूस्खलन और पुल के रास्तों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का अनुमान है कि इसे पूरी तरह ठीक करने में तीन दिन से ज्यादा लग सकते हैं।

बिजली उत्पादन और आपूर्ति पर गहरा असर

प्राकृतिक आपदाओं का असर नेपाल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। बाढ़ के कारण कालीगंडकी, मार्स्यांगडी और सेती-माडी नदी कॉरिडोर में राष्ट्रीय ट्रांसमिशन सिस्टम के माध्यम से कुल 1,013.2 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। इससे पहले 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर पर लगभग एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसमें 1,400 से ज्यादा जानें गई थीं।

सर्दियों में घरेलू बिजली उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट की आशंका को देखते हुए, नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) ने भारत से 1,100 मेगावाट से अधिक बिजली आयात करने की योजना बनाई है। NEA के मैनेजिंग डायरेक्टर दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने सोमवार को कहा, "इसीलिए हमने बिजली सप्लाई को मैनेज करने के लिए आने वाले सूखे मौसम में भारत से 1,155 मेगा वाट बिजली इंपोर्ट करने का प्लान बनाया है।"

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →