सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बच्चों की सुरक्षा: सोशल मीडिया पर उम्र की पाबंदी लगाने की वैश्विक मुहिम में 20 से अधिक देश शामिल

डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बच्चों को होने वाले खतरों पर बढ़ती चिंता के बीच दुनिया भर के 20 से अधिक देश सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उम्र संबंधी पाबंदियां लगा रहे हैं या इस पर…

बच्चों की सुरक्षा: सोशल मीडिया पर उम्र की पाबंदी लगाने की वैश्विक मुहिम में 20 से अधिक देश शामिल
(फोटो: IANS)

डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बच्चों को होने वाले खतरों पर बढ़ती चिंता के बीच दुनिया भर के 20 से अधिक देश सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उम्र संबंधी पाबंदियां लगा रहे हैं या इस पर विचार कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने यह जानकारी दी और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत वैश्विक नियमों की वकालत की।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल्बनीस ने बताया कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने के फैसले ने इस दिशा में एक वैश्विक आंदोलन को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, "पहले से ही 20 से अधिक देश सोशल मीडिया पर उम्र से जुड़ी पाबंदियां लागू कर रहे हैं या कर चुके हैं। यूरोपीय समुदाय के भी कदम उठाने के साथ और भी कई देश ऐसा करने वाले हैं।" ऑस्ट्रेलिया ने यह कदम उन माता-पिता के अभियान के बाद उठाया था जिनके बच्चों को सोशल मीडिया से नुकसान पहुंचा था।

विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं और चिंताएं

इस मुद्दे पर कई अन्य देशों ने भी अपनी राय रखी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बच्चों और किशोरों पर डिजिटल टेक्नोलॉजी के नकारात्मक प्रभाव को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ टेक्नोलॉजी के संपर्क में आने से युवाओं की सीखने की क्षमता में कमी आ रही है और बुरे नतीजों का इंतजार किए बिना नियम बनाए जाने चाहिए। मैक्रों ने यह भी जोर दिया कि AI पर बहस सिर्फ अमेरिका, चीन और कुछ निजी कंपनियों तक सीमित नहीं रह सकती।

वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सूचना के माहौल में मौजूद खतरों को और बढ़ाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी ताकतें बॉट्स और झूठी खबरों का इस्तेमाल कर समाज में बंटवारे को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन AI में पारदर्शिता, तैयारी और सुरक्षा के लिए वैश्विक सिद्धांत बनाने की दिशा में काम करेगा।

नियमों पर बंटी दुनिया: संतुलन की तलाश

हालांकि, नियमों की प्रकृति को लेकर सभी देश एकमत नहीं हैं। इटली के उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने नियमों की जरूरत पर जोर दिया, लेकिन बहुत अधिक नौकरशाही के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "हमें ऐसे नौकरशाही वाले बंधनों की जरूरत नहीं है जिनका पालन सिर्फ कुछ ही लोग करें।"

इसके विपरीत, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने जल्दबाजी में नियम बनाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पिछली तकनीकी क्रांतियों से नौकरियों का वैसा नुकसान नहीं हुआ जैसा डर था। माइली के अनुसार, अर्जेंटीना AI विकसित करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देगा। उन्होंने कहा, "डर को आज्ञाकारिता में नहीं बदलना चाहिए।" दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने AI से आर्थिक असमानता बढ़ने की आशंका जताई और अपने देश के तकनीकी फायदों को साझा करने के लिए एक ग्लोबल AI हब बनाने की योजना की घोषणा की।

इनपुट: IANS

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