जमशेदपुर बंद: हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में थमा शहर, 6 थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू
करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के विरोध में शुक्रवार को जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में बंद का व्यापक असर देखा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के नेतृत्व वाले
करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के विरोध में शुक्रवार को जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में बंद का व्यापक असर देखा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए के इस आह्वान पर शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, सार्वजनिक परिवहन के पहिए थमे रहे और एहतियात के तौर पर ज्यादातर निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने छह थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी।
यह बंद 27 जून की देर रात बिष्टुपुर के एक नाइट क्लब के बाहर हिमांशु सिंह पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में बुलाया गया था। इलाज के दौरान 29 जून को उनकी मृत्यु हो गई थी। बंद समर्थकों में सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू और विधायक सरयू राय समेत कई बड़े नेता भी शामिल हुए, जो कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील करते नजर आए।
बंद का जनजीवन पर असर
शुक्रवार सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर सक्रिय हो गए थे। साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो और गोलमुरी जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में छोटे-बड़े सभी प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। बंद का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। बसों और ऑटो-रिक्शा का परिचालन लगभग न के बराबर रहा। बंद समर्थकों ने आदित्यपुर और गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों की बसों को भी रोका, जिस कारण कई कर्मचारी अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके। हालांकि, एम्बुलेंस और दवा दुकानों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई थी।
प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने घटना के बाद पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एसएसपी और सरायकेला-खरसावां के एसपी को हटा दिया है। साथ ही, बिष्टुपुर के थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। जिस डबल डाउन पब एंड बार के बाहर यह घटना हुई थी, उसे भी सील कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड, बिहार और ओडिशा में छापेमारी कर रही है। बंद के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई और संवेदनशील जगहों पर पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट तैनात किए गए।
इनपुट: IANS



