ईरान-अमेरिका तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन…
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा फिसलकर 77,892.92 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से करीब 0.15% कम है। इसी तरह, निफ्टी 50 सूचकांक भी 22.55 अंकों (0.09%) की गिरावट के साथ 24,343.45 पर खुला।
बाजार की इस कमजोरी का असर व्यापक था और निफ्टी मिडकैप व निफ्टी स्मॉलकैप में भी क्रमशः 0.36% और 0.17% की गिरावट देखी गई।
किन सेक्टरों में रही बिकवाली?
सोमवार को बाजार में सेक्टोरल रुझान मिला-जुला रहा, लेकिन बिकवाली का दबाव ज्यादा था। सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में आई, जो 0.98% तक लुढ़क गया। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में भी 0.9% की गिरावट दर्ज की गई। आईटी, रियल्टी, सीमेंट, ऊर्जा और निजी बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स में 0.48% की मजबूती आई, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स करीब 0.45% चढ़ा।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल का भाव लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है और अमेरिका-ईरान संघर्ष का तत्काल कोई समाधान नहीं दिख रहा है। ये दोनों कारक बाजार की तेजी पर लगाम लगा सकते हैं। इसके साथ ही आईटी और बड़े बैंकिंग शेयरों का कमजोर प्रदर्शन भी सूचकांकों पर दबाव बनाए हुए है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक कोई नया सकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तब तक निफ्टी अल्पावधि में 24,000 से 24,600 अंकों के दायरे में रह सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर बने रहते हैं, तो बाहरी चुनौतियों के बावजूद बाजार को कुछ सहारा मिल सकता है। तकनीकी तौर पर, निफ्टी के लिए 24,170 का स्तर अहम सपोर्ट है, जिसके नीचे जाने पर गिरावट बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की स्थिति में 24,540 से 24,666 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



