हरियाणा: 22 दिन से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल, कई शहरों में पुलिस और कर्मचारियों के बीच टकराव
हरियाणा में पिछले 22 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब और गंभीर रूप ले चुकी है। अपनी मांगों का समाधान न होने पर कर्मचारी संगठनों ने कई ज़िलों में हड़ताल को 30 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान किया…
हरियाणा में पिछले 22 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब और गंभीर रूप ले चुकी है। अपनी मांगों का समाधान न होने पर कर्मचारी संगठनों ने कई ज़िलों में हड़ताल को 30 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हड़ताल के कारण शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस बीच, प्रशासन द्वारा कचरा उठाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने पर कई जगहों पर हड़ताली कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।
हिसार में तनाव, 50 से 60 कर्मचारी हिरासत में
हिसार में मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब प्रशासनिक टीम कचरा उठाने पहुंची। हड़ताली कर्मचारियों ने घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने का विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50 से 60 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। हिसार के डीएसपी किशोरी लाल ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सफाई व्यवस्था बहाल करना था। उन्होंने कहा, "पुलिस का उद्देश्य हालात बिगाड़ना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनता के लिए सफाई व्यवस्था बहाल करना है।"
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विरोध
हिसार के अलावा हांसी, जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था का विरोध किया। झज्जर में, प्रशासन ने रात भर अभियान चलाकर लगभग 125 टन कचरा उठाया, लेकिन भगत सिंह चौक पर सबसे ज़्यादा टकराव देखने को मिला, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। हरियाणा म्युनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष राजेश बागरी और फायर एम्प्लॉइज यूनियन के जिला अध्यक्ष राजेश मेहला ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया है।
हड़ताल के लंबा खिंचने से न केवल शहरों की स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध भी बढ़ता जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस समस्या का कोई हल निकल सके।
इनपुट: IANS



