हरियाणा बैंक घोटाला: CBI चार्जशीट में 6 IAS अधिकारियों पर रिश्वत, साजिश और हेरफेर के गंभीर आरोप
हरियाणा में IDFC और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छह वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। समाचार…
हरियाणा में IDFC और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छह वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन अधिकारियों पर सरकारी धन को निजी बैंकों में स्थानांतरित करने के लिए साजिश रचने, नियमों की अनदेखी करने और बदले में रिश्वत व अन्य अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में जिन छह IAS अधिकारियों के नाम हैं, उनमें साकेत कुमार, राम कुमार सिंह (आरके सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल हैं। इनमें से तीन अधिकारी पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में हर अधिकारी की कथित भूमिका और उन्हें मिले फायदों का विस्तार से उल्लेख किया है, जिसमें मुजरा पार्टियों से लेकर सोने के सिक्के और करोड़ों की नकदी तक शामिल है।
पार्टियों और महिलाओं के बदले बैंक को फायदा?
चार्जशीट के मुताबिक, तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल पर निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। आरोप है कि ऋषि ने अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटलों में रुकने और महिलाओं तक की व्यवस्था की। जांच के अनुसार, जीरकपुर के एक होटल में नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार बार मुजरा पार्टियां आयोजित की गईं, जिनका पूरा खर्च रिभव ऋषि ने उठाया। इसके अलावा, चंडीगढ़ और मोहाली के होटलों में महिलाओं को बुलाने और उनके भुगतान के भी आरोप हैं। एक मौके पर पंकज अग्रवाल की पत्नी की पार्टी का बिल भी ऋषि द्वारा चुकाए जाने का जिक्र है।
करोड़ों की रिश्वत और नियमों की अनदेखी
आरके सिंह: पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह पर 2.5 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। CBI का कहना है कि 11 जनवरी 2026 को उनके घर 50 लाख रुपए पहुंचाए गए, जबकि 2 करोड़ रुपए उनके बेटे को दिल्ली में तीन किस्तों में दिए गए। आरोप है कि जब एक सेक्शन अफसर ने निवेश से पहले कोटेशन मंगाने की सलाह दी, तो सिंह ने उसे डांटकर कहा, 'भाई तू बहुत ज्यादा सयाना है क्या?' और बाद में उसे पद से हटा दिया।
विनीत गर्ग: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के कार्यकाल में IDFC फर्स्ट बैंक को निवेश में प्राथमिकता दी गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने मौखिक निर्देश देकर ICICI बैंक से 3.50 करोड़ रुपए निकलवाकर IDFC में जमा कराए। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि दीपावली से पहले बैंक अधिकारी रिभव ऋषि ने उनके घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए थे।
अन्य अधिकारियों की कथित भूमिका
साकेत कुमार: विकास एवं पंचायत विभाग के तत्कालीन आयुक्त साकेत कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए IDFC और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाते खुलवाने के लिए महानिदेशक (DG) को प्रभावित किया। चार्जशीट में कहा गया है कि उन्होंने 25 करोड़ रुपए के फंड को IDFC बैंक में डालने की साजिश रची।
मोहम्मद शाइन: HPGCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाइन पर IDFC फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने बैंक की 50 करोड़ रुपए की जमा सीमा हटवाने में भूमिका निभाई और समय से पहले इंडसइंड बैंक की 108.46 करोड़ की FD तुड़वाकर उसमें से 50 करोड़ रुपए IDFC में जमा करवाए।
प्रदीप कुमार: हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर भी बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। उन पर आरोप है कि उन्होंने AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की ऊंची ब्याज दर को रिकॉर्ड में गलत तरीके से कम दिखाया, ताकि IDFC की ब्याज दर अधिक प्रतीत हो।
इनपुट: IANS



