CMRL-एक्सालॉजिक मामला: CPI(M) का ED और विपक्ष पर निशाना, कहा- 'कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे'
केरल के चर्चित सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में राजनीति गरमा गई है। सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) और…
केरल के चर्चित सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में राजनीति गरमा गई है। सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य के नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन उनकी पार्टी को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ कोई सबूत नहीं है और यह पूरा मामला निराधार आरोपों पर आधारित है।
गोविंदन ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा, “हम इसका कानूनी और राजनीतिक रूप से मुकाबला करेंगे, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।” उन्होंने भरोसा जताया कि इन आरोपों से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। यह बयान उस समय आया है जब राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से और सबूत जुटाने की प्रक्रिया में है।
पुलिस जांच की मौजूदा स्थिति
सितंबर में केरल सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा गठित यह टीम क्राइम ब्रांच की निगरानी में काम कर रही है।
अब तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। SIT ने आगे की कार्रवाई के लिए ED से और जानकारी व दस्तावेज़ मांगने का फैसला किया है। केंद्रीय एजेंसी से मिले सभी सबूतों की विस्तृत जांच के बाद ही राज्य पुलिस प्रमुख को एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। केस दर्ज करने का निर्णय भी शुरुआती सबूतों की जांच और कानूनी सलाह के बाद ही लिया जाएगा।
जांच के दायरे में कौन-कौन?
ED ने अपने पत्र में कई ऐसे लोगों का जिक्र किया है, जिनके वित्तीय लेन-देन की जांच पुलिस कर रही है। जांच के दायरे में पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास से संबंध रखने वाले कोझिकोड के कम से कम पांच लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा, सीएमआरएल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ होगी।
एजेंसी ने अवैध भुगतान, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और विदेश में फंड ट्रांसफर जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की छानबीन कर रही है, जिसमें साइबर इन्वेस्टिगेशन टीम भी SIT की मदद कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और पीए मोहम्मद रियास जैसे प्रमुख व्यक्तियों के बयान दर्ज करने का फैसला भी प्रारंभिक जांच के नतीजों पर ही निर्भर करेगा।
इनपुट: IANS



