शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 315 अंक सुधरा, निफ्टी भी हरे निशान में बंद

पिछले दिन की भारी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को वापसी की और बढ़त के साथ बंद हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों और तेल की कीमतों में नरमी…

गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 315 अंक सुधरा, निफ्टी भी हरे निशान में बंद
(फोटो: IANS)

पिछले दिन की भारी बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को वापसी की और बढ़त के साथ बंद हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों और तेल की कीमतों में नरमी जैसे वैश्विक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। इस सकारात्मक माहौल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43% की तेजी के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 77.40 अंक यानी 0.34% चढ़कर 23,140.50 के स्तर पर पहुंच गया।

विज्ञापन

दिन भर कैसा रहा बाजार का हाल

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत हालांकि थोड़ी सुस्त रही थी। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,580.54 के मुकाबले 54.61 अंक गिरकर 73,525.92 पर खुला था। लेकिन दिन के कारोबार में इसमें अच्छी रिकवरी देखी गई और यह 73,968.05 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। इसी तरह, निफ्टी भी 23,035 पर खुलने के बाद दिन में 23,162.70 का उच्च स्तर छूने में कामयाब रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में हुई खरीदारी ने बाजार का रुख सकारात्मक बनाने में मदद की।

सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन

शुक्रवार को व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां निफ्टी स्मॉलकैप में 0.15% की मामूली बढ़ोतरी हुई, वहीं निफ्टी मिडकैप 100 में 0.14% की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा तेजी रही। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी, फार्मा, मीडिया और सीमेंट जैसे सेक्टर दबाव में कारोबार करते दिखे। निफ्टी 50 के शेयरों में एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल थे, जबकि इंफोसिस, ओएनजीसी और ट्रेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

बाजार पर किन बातों का है असर?

एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण बाजार की रिकवरी सीमित रही। उन्होंने बताया कि महंगाई, विदेशी फंड की निकासी और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। हालांकि, निफ्टी का 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहना घरेलू बाजार की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन वैश्विक कारक निकट भविष्य में जोखिम बढ़ा सकते हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →