H-1B वीजा विवाद: अमेरिकी सरकार की कार्रवाई पर माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी नीतियों का किया बचाव
अमेरिकी प्रशासन द्वारा विदेशी कर्मचारियों को प्रायोजित करने की क्षमता निलंबित किए जाने के बाद, टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने H-1B वीजा इस्तेमाल की नीति का बचाव किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि…
अमेरिकी प्रशासन द्वारा विदेशी कर्मचारियों को प्रायोजित करने की क्षमता निलंबित किए जाने के बाद, टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने H-1B वीजा इस्तेमाल की नीति का बचाव किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके अधिकांश वीजा आवेदन नए कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि कंपनी में पहले से काम कर रहे लोगों के लिए होते हैं।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट को एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम (PERM) के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को प्रायोजित करने से निलंबित कर दिया है। इसी कार्रवाई के जवाब में माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर अपनी भर्ती प्रक्रियाओं के बारे में स्थिति साफ की है और प्रशासन को अतिरिक्त जानकारी देने की पेशकश की है।
वीजा आवेदनों पर माइक्रोसॉफ्ट की सफाई
कंपनी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसने लगभग 6,000 H-1B वीजा के लिए आवेदन किया था। इनमें से करीब 80 प्रतिशत आवेदन उन कर्मचारियों के लिए थे जो पहले से ही माइक्रोसॉफ्ट में काम कर रहे थे और उनके इमिग्रेशन स्टेटस को बढ़ाने या बदलने की जरूरत थी। कंपनी ने जोर देकर कहा, "ये नए लोगों को भर्ती करने के लिए नहीं थे।"
बाकी के 20 प्रतिशत आवेदन उन लोगों के लिए थे जो पहले से ही कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे थे और बाद में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े। कंपनी ने कहा कि ये सभी आवेदन उसके कुल अमेरिकी कार्यबल का सिर्फ 1 प्रतिशत हिस्सा हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, "वे हमारे देश में नए नहीं आए हैं।"
वेतन नीति और अमेरिकी कार्यबल
माइक्रोसॉफ्ट ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि वह अमेरिकी कर्मचारियों को कम वेतन देने के लिए H-1B वीजा धारकों का इस्तेमाल करती है। कंपनी ने कहा, "हम अपने H-1B कर्मचारियों को उतना ही वेतन देते हैं, जितना समान काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को दिया जाता है।"
बयान में यह भी कहा गया कि कंपनी अमेरिकी कार्यबल की प्रतिभा में विश्वास करती है और इसी वजह से अमेरिका में उसके अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक हैं। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, उसकी सफलता घरेलू प्रतिभा को विकसित करने और दुनिया भर से उच्च-कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने की क्षमता पर निर्भर करती है।
प्रशासन की कार्रवाई और उसका असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब H-1B कार्यक्रम की गहन जांच हो रही है। प्रशासन का तर्क है कि रोजगार-आधारित आप्रवासन कार्यक्रमों के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सख्त नियम जरूरी हैं।
अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा संचालित PERM (श्रम प्रमाणन) प्रक्रिया से निलंबन का अर्थ है कि कंपनी फिलहाल विदेशी कर्मचारियों के लिए कुछ निश्चित रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर पाएगी। हालांकि, इस निलंबन से मौजूदा H-1B वीजा रद्द नहीं होते और न ही कर्मचारियों को अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि यह निलंबन कितने समय तक चल सकता है या इससे कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे।
इनपुट: IANS



