गुजरात: सरदार सरोवर बांध की वजह से 24 गांवों को रखा गया अलर्ट पर

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महाराष्ट्र और कर्नाटक में बाढ़ आयी हुई है। कर्नाटक के अलावा केरल भी बाढ़ का कहर झेल रहा है। इसी बीच एक और जगह बाढ़ से लोगो को मुसीबत हो सकती है। यह बाढ़ कुदरत का कहर नहीं होगा। बल्कि यह एक मानव निर्मित प्रभाव होगा। दरअसल गुजरात में सरदार सरोवर बांध का पानी छोड़ा जाने वाला है। इसीलिए निचले इलाकों में बाढ़ की सम्भावना बन सकती है। सरकार ने इससे निपटने के लिए पुख्ता इंतज़ाम कर लिया है।

सरकार ने शुक्रवार को दोपहर एक बजे सरदार सरोवर बांध से पानी छोड़ने का फैसला करने के बाद तीन तालुकों में 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार आधी रात के बाद, 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। जिन गावों के लिए अलर्ट जारी किया गया है वह गाँव हैं- चंदोद, करनाली और नंदरिया से डभोई, पुरा, आलमपुरा, लीलीपुरा, नानी कोरल, मोती कोरल, जूना सियार, सागडोल, ओझा, सोमज, डेलवाड़ा और अर्जनपुरा करजन और अंबाली, बरकल, देवर, मालसर, दरियापुरा, मोइयापुर झंझड़, कंजेटा, सिनोर, मंडावा और सिनोर से सुरा सामल।

वर्तमान में सरदार सरोवर बांध में पानी का स्तर 129.65 मीटर है, जिसमें 6 लाख क्यूसेक का प्रवाह है। गुरुवार आधी रात के बाद, 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।

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मध्य प्रदेश में बड़वानी जिले में निचले इलाकों से लगभग 100 लोगों को निकाला गया था, जहां सरदार सरोवर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में नर्मदा नदी खतरे के निशान से 5.62 मीटर ऊपर बह रही थी। अधिकारियों ने कहा कि बड़वानी जिले के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बड़वानी कलेक्टर अमित तोमर ने पीटीआई को बताया कि जिले के राजघाट गांव में नर्मदा का जल स्तर 128.90 मीटर तक पहुंच गया है। इस गाँव में नदी का खतरे का निशान 123.28 मीटर है। उन्होंने कहा, “हम नर्मदा के बढ़ते जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।”