सांप को बचाने वाला यह शख्स 3 बार मौत को दे चुका है धोखा

0
सांप
सांप को बचाने वाला यह शख्स 3 बार मौत को दे चुका है धोखा

अगर सांप सामने दिख जाए तो जान निकल जाती है। अगर किसी को सांप तीन बार काटें, वो भी कोबरा और इसके बाद भी वह इंसान ज़िंदा रहे, यह वाक़ई में अजूबे की बात होगी। यह हुआ है एक शख्स के साथ। यह शख्स गुजरात का रहने वाला है। आइये इसके बारें में विस्तार से जानते हैं।

गुजरात के नरोदा में रहने वाले के 24 साल के जिगर मस्के को सांप तीन बार काट चुका है लेकिन तीनो बार वह मौत को धोखा देकर ज़िंदा बच गया है। इस शख्स को पहली बार सांप ने 13 साल पहले काटा था। हाल ही में उसे एक कोबरा ने काट लिया लेकिन वह फिर नहीं मरा।

एक बार सांप काटने से कंचित काल अगर इंसान ज़िंदा बच भी जाए तो दोबारा सांप देखने के बाद उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है लेकिन जब मस्के को सांप ने काटा तो वह सांपों को बचाने लगा। वह मानसून के समय में साँपों को पकड़ता और उन्हें जंगल में छोड़ देता।

मस्के ने स्नेक रेसक्यूयर बनने के बाद सरीसृपों पर पढ़ना शुरू किया और सांप विशेषज्ञों के संपर्क में भी रहा। उसने उसने फिर वन विभाग से संपर्क किया और एक स्नेक रेसक्यूयर बनने की परीक्षा दी। हालांकि सरकारी आईडी कार्ड ने चेतावनी दी है कि स्वयंसेवक के जोखिम पर बचाव कार्य किया गया था और उसे इसके लिए भुगतान नहीं किया जाएगा।

मस्के शहर के एक अस्पताल में कम्पाउंडर के रूप में काम करता है । 6 साल बाद उसे जिस सांप ने उसे काँटा था वह भारत में मौजूद चार सबसे खतरनाक साँपों में से एक था। वह सांप के काटे जाने के बाद 28 दिनों तक कोमा में रहा।

ठीक होने के तीन महीने बाद उसने फिर से सांपो को बचाने का काम शुरू कर दिया। उसने अब तक 1,500 से अधिक सांपों को बचाया है। बीते 16 नवंबर को उसे इंदिरा ब्रिज से एक सांप बचाने का फ़ोन आया। वह और उसके सहयोगी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने एक निर्माण स्थल पर रेत के ढेर में एक तमाशा कोबरा देखा था। लोग इसे पीट रहे थे। इसलिए उसने सरीसृप से कम से कम 15 फीट दूर खड़े होने के लिए कहा।

यह भी पढ़ें: बार्बी डॉल बनने के चक्कर में बर्बाद कर डाला अपना चेहरा

उसने फिर एक छड़ी का उपयोग करके साँप को रेत से निकालने की कोशिश की। लेकिन सांप ने पलटकर मस्के को काट लिया। इसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांप के काटने से त्वचा और नरम ऊतक की चोट से लेकर कई प्रकार की विकलांगता हो सकती है, जो निशान, गहरी मांसपेशियों, संयोजी ऊतक और संवहनी परिगलन और गैंग्रीन के कारण अंगों के उपयोग या यहां तक ​​कि विच्छेदन के पर्याप्त नुकसान के लिए होती है।

उसके बचने की उम्मीद नहीं थी। डाक्टरों ने भरसक प्रयास करके उसे बचा लिया।