गुजरात: स्किल डेवलपमेंट मिशन से युवाओं को मिल रही नई राह, 90% तक प्लेसमेंट का दावा
गुजरात में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए कौशल विकास कार्यक्रम रोजगार का एक बड़ा जरिया बन रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले लगभग 90 प्रतिश…
गुजरात में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए कौशल विकास कार्यक्रम रोजगार का एक बड़ा जरिया बन रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले लगभग 90 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे इन कोर्सों में युवाओं को उद्योगों की मौजूदा जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें आसानी से नौकरियां मिल रही हैं।
इन कार्यक्रमों की सफलता के पीछे आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण, उद्योगों के साथ सीधा संपर्क और एक मजबूत प्लेसमेंट प्रणाली को मुख्य कारण बताया जा रहा है। गांधीनगर के एक लाभार्थी नीरज मिश्रा ने एजेंसी को बताया कि आईटीआई से मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड में ट्रेनिंग लेने के बाद उन्हें चेतक कंपनी में नौकरी मिली है, जहां उनकी शुरुआती मासिक तनख्वाह 14,000 रुपये होगी। नीरज का मानना है कि इस कौशल प्रशिक्षण ने उनके करियर को एक नई दिशा दी है।
भविष्य की तकनीक पर जोर
राज्य सरकार ने 70 से अधिक सरकारी, अनुदानित और स्व-वित्तपोषित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 11 नए युग के पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, मेकाट्रॉनिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं। इन केंद्रों में छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर के लिए आधुनिक लैब की सुविधा भी दी जाती है।
प्लेसमेंट के शानदार आंकड़े
जिला कौशल विकास अधिकारी एन.वी. देसाई ने बताया कि अकेले आईटीआई कुबेरनगर से इस साल 1,436 प्रशिक्षु पास होने वाले हैं। इनमें से नौकरी के इच्छुक 1,238 छात्रों को पहले ही विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट मिल चुका है, जो लगभग 90 से 92 प्रतिशत का रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि बाकी 198 प्रशिक्षु या तो आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं या अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार उभरते उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में नमो गुजरात कौशल एवं रोजगार मिशन, सक्षम-केवीके 2.0 और केंद्र सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम जैसी कई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं, ताकि 'विकसित गुजरात, विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
इनपुट: IANS



