गुजरात: ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी चोट की तैयारी, अब हर जिले और शहर में बनेगी 'एंटी-नारकोटिक्स विंग'
गुजरात में ड्रग्स के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के हर जिले और शहर में एक विशेष 'एंटी-नारकोटिक्स विंग' (ANW) का गठन किया जाएगा। समाचार एजेंसी…
गुजरात में ड्रग्स के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के हर जिले और शहर में एक विशेष 'एंटी-नारकोटिक्स विंग' (ANW) का गठन किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के पुलिस प्रमुख ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने इन नई यूनिट्स को अगले 7 दिनों के भीतर अपना काम शुरू करने का आदेश दिया है।
यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में गुजरात को 'नशा-मुक्त' बनाने के अभियान का हिस्सा है। राज्य पुलिस ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है, जिसका मकसद युवाओं को नशे की लत से बचाना है।
कैसी होगी नई विंग की संरचना?
हर एंटी-नारकोटिक्स विंग (ANW) में 8 काबिल अधिकारियों और कर्मचारियों की एक समर्पित टीम होगी। इस टीम में 1 पुलिस इंस्पेक्टर, 1 पुलिस सब-इंस्पेक्टर, 2 सहायक सब-इंस्पेक्टर या हेड कॉन्स्टेबल और 4 पुलिस कॉन्स्टेबल शामिल होंगे। उन्हें काम करने के लिए एक अलग गाड़ी और ड्राइवर भी मुहैया कराया जाएगा। जिला स्तर पर यह यूनिट सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) को रिपोर्ट करेगी, जबकि अहमदाबाद और सूरत में 2-2 यूनिट और वडोदरा व राजकोट में 1-1 यूनिट जॉइंट या एडिशनल सीपी की निगरानी में काम करेंगी।
सिर्फ नशीले पदार्थों पर होगा फोकस
ये विंग एक 'स्पेशलाइज्ड टास्क फोर्स' के रूप में काम करेंगी और इन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट से जुड़े मामलों के अलावा कोई और जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इनका मुख्य काम राज्य-स्तरीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा চিহ্নিত ड्रग पेडलर्स और हॉटस्पॉट्स पर लगातार नजर रखना होगा। इसके अलावा, यह विंग नशे के आदी अपराधियों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस के तहत कार्रवाई के लिए CID क्राइम को प्रस्ताव भी भेजेगी। हालांकि, स्थानीय पुलिस स्टेशन पहले की तरह ही NDPS के मामले दर्ज करते रहेंगे, लेकिन ANW की जांच में उनकी लापरवाही पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गुजरात पुलिस के अब तक के प्रयास
पिछले पांच वर्षों में, गुजरात पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 3,700 से ज्यादा मामले दर्ज कर 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान करीब 13,600 करोड़ रुपये मूल्य का 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने ड्रग नेटवर्क को पकड़ने में मदद करने वाले पुलिसकर्मियों और मुखबिरों के लिए 'ड्रग रिवॉर्ड पॉलिसी' और अपनी जान जोखिम में डालने वाले कर्मियों के लिए 'आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन' नीति लागू की है। साथ ही, डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सॉफ्टवेयर भी विकसित किया गया है।
इनपुट: IANS



