गुजरात: नकली दवाओं और मिलावट पर सरकार का बड़ा एक्शन, 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द
गुजरात में नकली और अवैध दवाओं के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के स्पष्ट निर्देशों…
गुजरात में नकली और अवैध दवाओं के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के स्पष्ट निर्देशों के बाद राज्य भर में एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने गांधीनगर में बताया कि सरकार 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हमें साफ निर्देश दिए थे कि जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, दवा और खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कल एक बैठक हुई थी। पूरे गुजरात में फूड डिपार्टमेंट और हमारा ड्रग्स डिपार्टमेंट हर जगह छापेमारी कर रहा है।"
चार महीने से जारी है कार्रवाई
यह अभियान पिछले चार महीनों से जारी है। इस दौरान ड्रग्स विभाग और फूड डिपार्टमेंट की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कई जगहों पर मिलावटी सामान, नकली दवाएं और कफ सिरप जैसे उत्पाद जब्त किए गए हैं। मंत्री पानशेरिया के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों में शामिल कई फैक्ट्रियों और फार्मास्युटिकल कंपनियों को सील भी किया गया है और उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
तीन राज्यों तक फैला नेटवर्क
इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ गुजरात तक ही सीमित नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स विभाग के साथ मिलकर तीन राज्यों में छापेमारी की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि जनता से भी इस अभियान को अच्छा सहयोग मिल रहा है।
मंत्री ने मिलावट करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "मुझे उम्मीद है कि गुजरात में मिलावट की कोई भी गलत हरकत नहीं करेगा, वरना उसे सजा भुगतनी पड़ेगी। हमारी पुलिस और ड्रग्स विभाग उस पर सख्त कार्रवाई करेगा।" सरकार ने साफ किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इनपुट: IANS



