गोवा नाइटक्लब आग: सुप्रीम कोर्ट का लूथरा बंधुओं को दो हफ़्ते में सरेंडर का आदेश, ज़मानत रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइटक्लब में आग लगने के मामले में आरोपी मालिकों, सौरभ और गौरव लूथरा को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को बॉम्बे…
सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइटक्लब में आग लगने के मामले में आरोपी मालिकों, सौरभ और गौरव लूथरा को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें लूथरा बंधुओं और उनके एक साथी अजय गुप्ता की जमानत रद्द कर दी गई थी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में हुए अग्निकांड से जुड़ा है, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता द्वारा दायर की गई अपीलों को खारिज करते हुए उन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) से आग्रह किया है कि वह मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेज़ी लाए।
ज़मानत और कानूनी प्रक्रिया
इससे पहले, गोवा की मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र अदालत ने तीनों आरोपियों को जमानत दे दी थी। अजय गुप्ता को 23 मार्च को और लूथरा बंधुओं को 1 अप्रैल को ज़मानत मिली थी। गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां 19 अगस्त को जस्टिस नीला गोखले ने राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए तीनों की ज़मानत रद्द कर दी। इसी फैसले के खिलाफ आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन उन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली।
घटना और पुलिस की जांच
यह हादसा 6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा में स्थित नाइटक्लब में हुआ था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि क्लब के पास ज़रूरी सुरक्षा मंजूरी नहीं थी और वहां आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। पुलिस के मुताबिक, बिना सुरक्षा उपायों के एक इनडोर फायर शो के दौरान आग भड़की थी। यह भी आरोप है कि रेस्तरां बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के चल रहा था। आग लगने के कुछ ही घंटे बाद सौरभ और गौरव लूथरा थाईलैंड भाग गए थे, जहां से बाद में उन्हें डिपोर्ट कराकर गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या सहित कई धाराओं में मामला दर्ज है।
इनपुट: IANS



