GIS से पहले 21 नीतियों को मंजूर करेगी मोहन सरकार: 6 सेक्टर विशेष के सेशन में अफसरों से सीधी बात करेंगे निवेशक – Bhopal News h3>
भोपाल में पहली बार हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले मोहन यादव सरकार 21 नीतियों को मंजूरी देगी। 4 फरवरी को सेमीकंडक्टर और ड्रोन संवर्धन नीति को मंजूरी देने के बाद अब 11 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में आईटी समेत दो से तीन नीतियों को भी मंजूरी
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ये सभी पॉलिसी ऐसी बनाई जा रही हैं जिनसे निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सरकार की नीतियों के आधार पर उद्योग लगाने या निवेश करने का सीधा फैसला ले सकें। इस समिट में पहली बार ऐसा इंतजाम किया जा रहा है कि 6 सेक्टर्स में अधिकारी और निवेशक सीधे संवाद कर सकेंगे।
समिट के छह सेक्टर सत्रों के जरिए सरकार निवेश प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने पर फोकस कर रही है। इसीलिए नीति सुधार, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और व्यापार सुगमता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अब तक मध्यप्रदेश में हुई समिट्स में यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर चर्चाएं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी औररिजल्ट ओरिएंटेड बनाया जा सकेगा।
समिट में टाउन डेवलपमेंट, टूरिज्म, माइनिंग, रिन्युएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई क्षेत्र की संभावनाओं और अनुकूल वातावरण की जानकारी दी जाएगी और इससे संबंधित नीतियों में बदलाव भी किया जाएगा। देश का पहले डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट में ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब से भी निवेशकों को अवगत कराया जाएगा।
समिट में इन क्षेत्रों पर रहेगा ध्यान
टाउन डेवलपमेंट
इस समिट में टाउन डेवलपमेंट के तहत मध्यप्रदेश में बढ़ते शहरीकरण से निवेशकों को अवगत कराया जाएगा। इसके लिए शहरों में विकास के बुनियादी ढांचे और प्रस्तावित रोडमैप की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का गंतव्य बना रहे हैं।
पर्यटन
पर्यटन सत्र में मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व, धार्मिक स्थलों जैसे महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और ऐतिहासिक स्थलों जैसे खजुराहो, साँची, पचमढ़ी आदि की संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखा जाएगा। हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा होगी।
माइनिंग
मध्यप्रदेश देश का प्रमुख खनिज उत्पादक राज्य है। पन्ना की डायमंड माइंस और कोयला खदानें राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए आदर्श डेस्टिनेशन बनाती हैं। माइनिंग सत्र में खनन आधारित उद्योगों और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी।
रिन्युएबल एनर्जी
ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित होते मध्यप्रदेश में रीवा सोलर प्लांट और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट पर चर्चा की जाएगी। सत्र में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी।
आईटी एंड टेक्नोलॉजी
इंदौर के आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी और उभरते एआई तथा साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों पर चर्चा होगी। सेमीकंडक्टर और ड्रोन संवर्धन नीति की मंजूरी के बाद डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आईटी पार्क में निवेश संभावनाओं पर जोर दिया जाएगा।
एमएसएमई
मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम 2200 से अधिक एमएसएमई में कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी।
प्रवासी समिट
इस समिट में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों पर सरकार खासा फोकस कर रही है और उन्हें दुनिया के दूसरे देशों के साथ एमपी में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है।
सरकार का मानना है कि यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी तय करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा।



