मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद: चलती कार बनी अवैध लिंग जांच का केंद्र, चार लोगों को हिरासत में लिया गया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक चलती कार के भीतर ही अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच का धंधा चलाया जा रहा था। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास

गाजियाबाद: चलती कार बनी अवैध लिंग जांच का केंद्र, चार लोगों को हिरासत में लिया गया
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक चलती कार के भीतर ही अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच का धंधा चलाया जा रहा था। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर शनिवार देर रात इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई ने जिले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र में एक कार को रोका, जिसका नंबर यूपी 14 एफएल 9355 है। कार की तलाशी लेने पर अंदर से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद हुई। इसी मशीन का इस्तेमाल करके गर्भवती महिलाओं के भ्रूण के लिंग की जांच की जाती थी। मौके से चार लोगों— संदीप, सलमान, शाहिद और तस्लीम— को हिरासत में ले लिया गया है।

लापरवाही या मिलीभगत? स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में

शहर के बीचों-बीच इस तरह चलती-फिरती गाड़ी में अवैध लिंग जांच का नेटवर्क सक्रिय होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करता है। इस घटना से यह सवाल उठ रहा है कि गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) सेल की नियमित जांच और निगरानी के बावजूद यह गिरोह अब तक पकड़ में क्यों नहीं आया। यह अवैध कारोबार कितने समय से चल रहा था, यह भी जांच का विषय है।

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

सूत्रों ने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों में से मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में एक पुराना अपराधी अगर इस तरह का अवैध कारोबार खुलेआम चला रहा था, तो यह विभाग की निगरानी पर एक और बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसकी जड़ों तक पहुंचा जा सके।

इनपुट: IANS

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