मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
देश

असम में अप्रत्याशित बाढ़: रातों-रात बेघर हुए परिवार, मुख्यमंत्री ने बताया 'अभूतपूर्व संकट'

असम के शिवसागर ज़िले में खट पाथर इलाके के कई गाँव अचानक आई बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे अनगिनत परिवार बेघर हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण बिना…

असम में अप्रत्याशित बाढ़: रातों-रात बेघर हुए परिवार, मुख्यमंत्री ने बताया 'अभूतपूर्व संकट'
(फोटो: IANS)

असम के शिवसागर ज़िले में खट पाथर इलाके के कई गाँव अचानक आई बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे अनगिनत परिवार बेघर हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण बिना किसी चेतावनी के पानी गाँवों में घुस आया, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवार अब राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने अस्थायी शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं, जबकि उनके घर अब भी पानी में डूबे हुए हैं।

विज्ञापन

प्रभावित लोगों को भोजन, साफ़ पीने के पानी और दवाइयों जैसी ज़रूरी चीज़ों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालात उन परिवारों के लिए और भी मुश्किल हैं जहाँ बुज़ुर्ग या बीमार सदस्य हैं, जिन्हें नियमित चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत है।

बाढ़ पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

बाढ़ के कहर की दर्दनाक कहानियाँ सामने आ रही हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, "पानी इतनी तेज़ी से बढ़ा कि सिर्फ़ एक से डेढ़ घंटे में हमारा पूरा घर डूब गया। हम अपना कोई भी सामान नहीं बचा पाए।" उन्होंने आगे कहा, "हमारे पास पाँच गायें और 12 बकरियाँ थीं, जिनमें से 10 की मौत हो गई। हमारे 18 कुत्ते भी थे, जो सभी बाढ़ के पानी में बह गए।"

एक अन्य व्यक्ति ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके घर के अंदर कमर तक पानी भर गया है, जिसके कारण वह पिछले एक हफ़्ते से ठीक से सो नहीं पाए हैं। कई लोग तो बचाए जाने से पहले लगभग आठ घंटे तक छाती तक गहरे पानी में फंसे रहे। उनकी जान एक स्थानीय व्यक्ति ने अपनी नाव से बचाई। इसी तरह, एक बुज़ुर्ग को पूरी रात अपने अनाज भंडार (कोठार) के ऊपर बैठकर गुज़ारनी पड़ी, जिन्हें अगले दिन बचाया गया।

असामान्य मानसून से आई आपदा

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 27 जुलाई को कहा कि राज्य में आई यह बाढ़ सामान्य मानसूनी बाढ़ से अलग है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि यह आपदा बहुत ज़्यादा बारिश के कारण आई, जिससे उन इलाकों में भी भारी नुक़सान हुआ जिन्हें आमतौर पर बाढ़ से सुरक्षित माना जाता था।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से 400 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ का पानी सिर्फ़ नदियों के उफान से नहीं, बल्कि कम समय में हुई अत्यधिक बारिश से भी फैला, जिसने उन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को भी अपनी चपेट में ले लिया जो पहले बाढ़ प्रभावित नहीं माने जाते थे।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →