फ्रांस: शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग, छात्र आंदोलन के बीच धमाके में किशोर ने हाथ गंवाया
फ्रांस में स्कूलों की बिगड़ती दशा और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बदल गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को हजारों…
फ्रांस में स्कूलों की बिगड़ती दशा और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बदल गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को हजारों छात्रों, शिक्षकों, ट्रेड यूनियनों और अभिभावक संगठनों ने देश भर में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के बीच उत्तरी शहर लेंस से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 15 वर्षीय छात्र ने धमाके में अपना हाथ गंवा दिया।
यह घटना सोमवार को लेंस के एक हाई स्कूल के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई। पास-दे-कलै के प्रीफेक्ट फ्रांस्वा-जेवियर लॉश ने छात्र के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि छात्र कैसे घायल हुआ या इसमें पुलिस के स्टन ग्रेनेड की कोई भूमिका थी या नहीं।
लेंस की घटना और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय समाचार पत्र 'ला वोआ दु नोर' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि छात्र ने पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए गए एक स्टन ग्रेनेड को उठाया था, जिसके फटने से उसका हाथ उड़ गया। रॉयटर्स ने भी बाद में स्थानीय मीडिया के हवाले से यही जानकारी दी। प्रीफेक्ट के अनुसार, घटना के वक्त लगभग 150 से 200 प्रदर्शनकारी पुलिस पर चीजें फेंक रहे थे, जिसके जवाब में दंगा-रोधी पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इस घटना ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
क्यों हो रहे हैं ये प्रदर्शन?
यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में कथित तौर पर कम निवेश, शिक्षकों की भारी कमी, कक्षाओं में छात्रों की भीड़ और स्कूलों की जर्जर इमारतों जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने वर्षों से शिक्षा प्रणाली की अनदेखी की है। छात्र संगठनों ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस का आह्वान किया था, जिसे शिक्षकों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और अभिभावक संगठनों का भी समर्थन मिला।
आंदोलन का बढ़ता दायरा
पिछले सप्ताह से इन प्रदर्शनों ने काफी जोर पकड़ लिया है और कई जगहों पर छात्रों व पुलिस के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं। शिक्षा मंत्री एडुआर जफ्रे के अनुसार, सोमवार को देश के करीब 3,700 हाई स्कूलों में से 400 से 500 स्कूल या तो पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहे। सरकार ने बताया कि अब तक 24 स्कूलों में आगजनी या तोड़फोड़ हुई है और 78 शिक्षा कर्मचारी घायल हुए हैं। यह विरोध अब सिर्फ हाई स्कूलों तक सीमित नहीं रहा; सोमवार को लगभग 40 विश्वविद्यालय परिसरों में भी छात्रों ने समर्थन में गतिविधियां कीं। उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट ने मंगलवार को विश्वविद्यालयों में भी व्यवधान बढ़ने की आशंका जताई थी।
इनपुट: IANS



