फ्लाईदुबई विमान घटना: इजरायली महावाणिज्यदूत ने ओमान के पायलट की मौजूदगी और सुरक्षा चूक पर गंभीर सवाल उठाए
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना को लेकर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही की आशंका जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में, मध्य-पश्चिम भारत के लिए इजरायल…
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना को लेकर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही की आशंका जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में, मध्य-पश्चिम भारत के लिए इजरायल के महावाणिज्यदूत याविन रेवाच ने कहा कि विमान FZ1073 के कॉकपिट में ओमान के एक पायलट की मौजूदगी बेहद संदिग्ध है और यह एक बड़ी सुरक्षा चूक हो सकती है।
बुधवार को हुई इस घटना पर टिप्पणी करते हुए रेवाच ने बताया कि नियमों के अनुसार, इजरायल जाने वाली किसी भी उड़ान के पायलट के पास ऐसे देश का पासपोर्ट होना अनिवार्य है, जिसके इजरायल के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध हों। उन्होंने कहा, "यहां शायद कोई समस्या हुई या सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई, क्योंकि विमान में ओमान का एक पायलट मौजूद था।"
घटना की पूर्व-योजना और हथियार
महावाणिज्यदूत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि हमलावर पायलट ने कॉकपिट के अंदर मौजूद एक कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि विमान में लाइटर या किसी भी तरह के तरल पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध होता है, लेकिन हमलावर को यह पता था कि कॉकपिट में कुल्हाड़ी मौजूद है। रेवाच के अनुसार, "इसलिए मुझे लगता है कि पूरी घटना की योजना पहले से बनाई गई थी, क्योंकि उसे पता था कि वह विमान में अपने साथ ऐसी कोई चीज नहीं ला सकता।"
ईरान की भूमिका पर संदेह
हालांकि याविन रेवाच ने इस हमले में ईरान की सीधी भूमिका की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में ईरान की गतिविधियों पर गहरी शंका व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं ईरान और उसके समर्थित गुटों के बारे में साफ तौर पर कह सकता हूं कि ईरान, लेबनान में हिजबुल्लाह, इराक में शिया मिलिशिया और यमन में हूती लड़ाकों को ट्रेनिंग और पैसा देता है।" उनके मुताबिक, ये ताकतें सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब, यूएई और ओमान जैसे पड़ोसी देशों को भी अस्थिर करने का प्रयास करती हैं।
रेवाच ने हाल ही में हूती विद्रोहियों द्वारा मक्का पर हमले के प्रयास का भी उल्लेख किया और ईरान को क्षेत्र के लिए एक "बहुत खतरनाक ताकत" बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच इजरायल और यूएई के विशेषज्ञ अधिकारी करेंगे और उन्हें अपना काम करने देना चाहिए।
इनपुट: IANS



