मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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फ्लू वायरस: वैज्ञानिकों ने खोजा कि यह कैसे इंसानी कोशिकाओं पर कब्ज़ा करता है

इन्फ्लूएंजा यानी फ्लू का वायरस इंसानी कोशिकाओं में घुसकर उन्हें कैसे अपने नियंत्रण में लेता है, इस पहेली को सुलझाने में वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि…

फ्लू वायरस: वैज्ञानिकों ने खोजा कि यह कैसे इंसानी कोशिकाओं पर कब्ज़ा करता है
(फोटो: IANS)

इन्फ्लूएंजा यानी फ्लू का वायरस इंसानी कोशिकाओं में घुसकर उन्हें कैसे अपने नियंत्रण में लेता है, इस पहेली को सुलझाने में वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि वायरस कोशिकाओं के अंदर मौजूद प्रोटीन के साथ कैसे जुड़ता है और अपनी संख्या बढ़ाने के लिए पूरी मशीनरी को अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह शोध भविष्य में फ्लू जैसी बीमारियों के लिए बेहतर दवाएं विकसित करने का रास्ता खोल सकता है।

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हर साल दुनिया भर में लाखों लोग फ्लू की चपेट में आते हैं और इनमें से साढ़े छह लाख तक लोगों की मौत हो जाती है। विशेषकर इन्फ्लूएंजा ए वायरस कई बार वैश्विक महामारियों की वजह बन चुका है। 'नेचर माइक्रोबायोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पहली बार वायरस और इंसानी प्रोटीन के बीच होने वाले सीधे संपर्क का पता लगाया है।

कोशिकाओं को तोड़े बिना अध्ययन

इस शोध के लिए यूरोपियन मॉलेक्यूलर बायोलॉजी लेबोरेटरी (EMBL) और लाइबनिज रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर मॉलेक्यूलर फार्माकोलॉजी (FMP) के शोधकर्ताओं ने एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। आमतौर पर, ऐसे अध्ययन के लिए कोशिकाओं को तोड़ना पड़ता है, जिससे कई बार गलत नतीजे मिलने या जरूरी संपर्क टूट जाने का खतरा रहता है।

लेकिन इस बार वैज्ञानिकों ने 'क्रॉस-लिंकिंग मास स्पेक्ट्रोमेट्री' (XL-MS) तकनीक का उपयोग किया। यह तकनीक संक्रमित कोशिका को बिना तोड़े उसके अंदर प्रोटीन के आपसी संपर्कों का सटीक विश्लेषण करने में सक्षम है। इससे ठीक वैसी ही तस्वीर मिली, जैसी संक्रमण के दौरान शरीर के अंदर होती है। इसके बाद कंप्यूटर मॉडलिंग और अल्फाफोल्ड तकनीक की मदद से यह भी समझा गया कि ये प्रोटीन संरचनात्मक रूप से एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं।

अध्ययन के दो बड़े निष्कर्ष

पहला, शोध में पता चला कि वायरस का एक प्रमुख प्रोटीन 'हीमैग्लूटिनिन' इंसानी कोशिकाओं के अंदर कैसे अपना रास्ता बनाता है। यही प्रोटीन वायरस को कोशिका में घुसने में मदद करता है। अध्ययन के मुताबिक, इंसानी कोशिका के कुछ प्रोटीन ही इस वायरस प्रोटीन को सही आकार लेने में सहायता करते हैं। इन मददगार प्रोटीनों को निशाना बनाकर नई एंटी-वायरल दवाएं बनाई जा सकती हैं।

दूसरा, अध्ययन ने कोशिका के केंद्रक (न्यूक्लियस) में मौजूद 'पैरास्पेक्ल्स' नामक संरचनाओं पर वायरस के प्रभाव को उजागर किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि इन्फ्लूएंजा ए वायरस संक्रमण के दौरान इन पैरास्पेक्ल्स को तोड़ देता है। ऐसा करने से वायरस को दोहरा फायदा होता है—एक तो उसे अपनी संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी प्रोटीन मिल जाते हैं, और दूसरा, कोशिका की अपनी रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शोध पद्धति सिर्फ फ्लू तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल भविष्य में महामारी फैलाने की क्षमता रखने वाले अन्य खतरनाक वायरसों को समझने के लिए भी किया जा सकेगा।

इनपुट: IANS

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