राजौरी बाढ़: प्रशासन का बड़ा कदम, बेला मार्केट और कॉलोनी में 60 दिनों के लिए निर्माण और आवाजाही पर रोक
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने…
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पिछले हफ्ते आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने तवी नदी के किनारे स्थित बेला मार्केट और बेला कॉलोनी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अगले 60 दिनों के लिए सभी प्रकार के निर्माण कार्यों और वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम इलाके में अभी भी बने हुए खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
यह आदेश 18 और 19 जुलाई की दरमियानी रात को तवी नदी में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर जारी किया गया। इस बाढ़ के कारण दुकानों, वाहनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बेला मार्केट स्थित बस स्टैंड सहित कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था।
क्यों लगाई गई पाबंदी?
जिलाधिकारी एवं डीडीएमए अध्यक्ष अभिषेक शर्मा द्वारा जारी आदेश के पीछे सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की एक तकनीकी रिपोर्ट है। 22 जुलाई को सौंपी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बाढ़ का पानी सामान्य नदी तट को पार कर बेला रोड तक पहुंच गया था, जिससे मकानों और अन्य ढांचों को नुकसान हुआ। विभाग के विशेषज्ञों ने इलाके का निरीक्षण कर एक जियो-रेफरेंस्ड सीमा मानचित्र तैयार किया है, जिसमें प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इलाके में मिट्टी का कटाव, जमीन धंसने, इमारतों के कमजोर होने और दोबारा जलभराव का गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रशासन का मानना है कि जब तक विस्तृत हाइड्रोलॉजिकल सर्वे और सुरक्षित निर्माण सीमा का निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक एहतियाती उपाय करना अनिवार्य है।
किन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध?
इस आदेश के तहत, प्रभावित क्षेत्र में निम्नलिखित गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी:
- किसी भी तरह का नया निर्माण, खुदाई, नींव डालना या मरम्मत का काम।
- निर्माण सामग्री का भंडारण और निर्माण मशीनरी का उपयोग।
- किसी भी व्यक्ति, समूह या निजी वाहन का प्रवेश, आवाजाही या जमा होना।
- प्राकृतिक जल निकासी में बाधा डालना या भूमि के उपयोग में किसी भी तरह का बदलाव।
हालांकि, यह प्रतिबंध राहत और बचाव कार्यों में लगे कर्मियों, पुलिस, SDRF, NDRF, मेडिकल टीमों और जिला प्रशासन की अनुमति से चल रहे आवश्यक कार्यों पर लागू नहीं होगा। पुलिस और अन्य एजेंसियों को सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने अतिरिक्त उपायुक्त, तहसीलदार और संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को तुरंत प्रभावित क्षेत्र का संयुक्त सर्वे करने, चल रहे निर्माण कार्यों को रोकने और 24 घंटे के भीतर अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
इनपुट: IANS



