जोहान्सबर्ग में 7 महिलाओं के शव मिलने से दक्षिण अफ्रीका में आक्रोश, महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल
दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े शहर जोहान्सबर्ग में पिछले कुछ महीनों में सात महिलाओं के शव मिलने से देश में महिला सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये सभी शव शहर…
दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े शहर जोहान्सबर्ग में पिछले कुछ महीनों में सात महिलाओं के शव मिलने से देश में महिला सुरक्षा को लेकर गुस्सा और चिंता का माहौल है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये सभी शव शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास के इलाकों से बरामद हुए हैं, जिनमें से पांच शव पिछले एक हफ्ते के भीतर मिले हैं। इन घटनाओं ने देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा (फेमिसाइड) की गंभीर समस्या को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।
इन हत्याओं की क्रूरता ने देश के शीर्ष नेतृत्व को भी झकझोर दिया है। देश के उपराष्ट्रपति पॉल माशातिले ने बुधवार को एक बयान जारी कर इन हत्याओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और सभी दक्षिण अफ्रीकी लोगों के साथ मिलकर उन महिलाओं के परिवारों और करीबियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिनकी इन भयानक हालात में जान चली गई है।"
घटनाक्रम और पीड़ितों की पहचान
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई के बाद से केम्पटन पार्क इलाके में चार महिलाओं के शव बरामद किए गए, जिन पर चोट के निशान थे और वे कम कपड़ों में थीं। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को ओलिफैंट्सफोंटेन इलाके से दो और शव मिले। मंगलवार को ही केम्पटन पार्क से लगभग 25 मील दूर एक अन्य महिला का नग्न और सड़-गल चुका शव बरामद हुआ।
मृतकों में 38 वर्षीय एलिजाबेथ ‘त्सोंत्सो’ मोसेलाकगोमो भी शामिल हैं। वह 9 सितंबर को दौड़ने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। उनका शव शनिवार को मिला, जिसकी पहचान परिवार ने सोमवार को की। उनकी मौत से स्थानीय रनिंग क्लब और उनके मित्र गहरे सदमे में हैं और उनकी याद में देश के कई हिस्सों में दौड़ का आयोजन किया जा रहा है।
पुलिस की जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने इन हत्याओं की जांच के लिए विशेष अधिकारियों को नियुक्त किया है। पुलिस प्रवक्ता एथलेंडा माथे ने बताया कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस संकेत नहीं है कि इन हत्याओं के पीछे कोई सीरियल किलर है, हालांकि शुरुआत में इस एंगल से भी जांच की जा रही थी। जुलाई में हुई पहली हत्या के मामले में मृत महिला के प्रेमी को हिरासत में लिया गया है।
राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने मंगलवार को कहा, "मैंने पुलिस अधिकारियों को इन हत्याओं की जांच को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।" गौरतलब है कि 2025 में बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति रामाफोसा ने लैंगिक आधार पर होने वाली हिंसा को 'राष्ट्रीय संकट' घोषित किया था। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
महिला अधिकार समूहों में नाराजगी
पुलिस द्वारा महिलाओं को अकेले न घूमने, सुनसान इलाकों से बचने और समूह में यात्रा करने की सलाह दिए जाने पर महिला अधिकार समूहों ने कड़ी नाराजगी जताई है। 'विमेन फॉर चेंज' जैसे संगठनों का कहना है कि महिलाएं पहले से ही अपनी सुरक्षा के लिए तमाम सावधानियां बरतती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी इलाके में व्यापक तलाशी अभियान तभी क्यों शुरू होता है जब कोई महिला लापता हो जाती है और समुदाय खुद खोजबीन शुरू कर देता है।
द गार्डियन के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका महिलाओं की हत्या दर के मामले में दुनिया के सबसे खराब देशों में से एक है। नवीनतम पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष में देश में 27,600 से अधिक हत्याएं हुईं, जिनमें 5,578 पीड़ित महिलाएं थीं।
इनपुट: IANS



