नोएडा: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 महिलाओं समेत 6 गिरफ्तार
नोएडा में प्रतिष्ठित कंपनियों में आकर्षक वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस…
नोएडा में प्रतिष्ठित कंपनियों में आकर्षक वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में एक संगठित रैकेट चलाने के आरोप में चार महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सेक्टर-20 थाना पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से की।
यह गिरोह नोएडा के व्यस्त अट्टा मार्केट की एक बिल्डिंग से अपना जाल चला रहा था। पुलिस ने एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 27 जुलाई को यहां छापेमारी की। मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे करते थे धोखाधड़ी?
जांच में पता चला है कि आरोपी बेरोजगारों को निशाना बनाते थे। वे युवाओं को नौकरी का यकीन दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे शुल्कों के नाम पर पैसे वसूलते थे। अपने झांसे को असली जैसा दिखाने के लिए वे फीस बुक, रसीद बुक और भर्ती से जुड़े फॉर्म जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को मौके से बड़ी संख्या में प्रचार सामग्री (पम्पलेट) और भरे हुए भर्ती फॉर्म भी मिले हैं, जो इनके सुनियोजित तरीके से काम करने का संकेत देते हैं।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्वेता सिंह उर्फ प्रिया (उन्नाव), नीजू यादव (सेक्टर-22, नोएडा), कीर्ति सिंह उर्फ मीरा (न्यू अशोक नगर, दिल्ली), पूजा (अशोक नगर, दिल्ली), रूपेश कुमार (चौड़ा गांव, नोएडा) और आमीर राणा (पिलखुआ, हापुड़) के रूप में हुई है। इनके पास से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार पम्पलेट और 20 भरे हुए भर्ती फॉर्म जब्त किए गए हैं।
पुलिस की जांच और अपील
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना जांच-पड़ताल के पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इनपुट: IANS



