मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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नोएडा: नौकरी और लोन के नाम पर ठगी, पुलिस के 'ऑपरेशन वज्र' में दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

नोएडा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सीवाई - वज्र' के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने थाना फेस-1 क्षेत्र में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश…

नोएडा: नौकरी और लोन के नाम पर ठगी, पुलिस के 'ऑपरेशन वज्र' में दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

नोएडा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सीवाई - वज्र' के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने थाना फेस-1 क्षेत्र में चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया है, जो नौकरी, लोन और बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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पुलिस ने यह कार्रवाई 17 जुलाई को की। दोनों कॉल सेंटरों को सील कर दिया गया है और मौके से लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जैसे कई उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन गिरोहों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से 25 से अधिक शिकायतें दर्ज थीं।

अलग-अलग तरीकों से करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, एक कॉल सेंटर नोएडा के सेक्टर-6 से चलाया जा रहा था। यहाँ से आरोपी तनुज कुमार गोयल और पंकज लोगों को कम ब्याज पर लोन, बंद हो चुकी LIC पॉलिसी का पैसा दिलाने, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और क्रेडिट कार्ड बनवाने का झांसा देते थे। ठगी की रकम वे अपने परिचितों के खातों में मंगवाते थे और उनके एटीएम कार्ड खुद इस्तेमाल करते थे। इनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और 17 एटीएम कार्ड मिले हैं।

वहीं, दूसरा गिरोह सेक्टर-2 से काम कर रहा था। आरोपी मोहित कुमार और आदेश यादव वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे लोगों का डेटा निकालते थे। इसके बाद वे खुद को इंडिगो एयरलाइंस का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते और फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये ठग लेते थे। इनके कब्जे से दो कंप्यूटर, आठ मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद हुए हैं।

पुलिस ने कैसे किया खुलासा?

पुलिस ने 'ऑपरेशन सीवाई - वज्र' के तहत मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से इस नेटवर्क का खुलासा किया। इस अभियान के दौरान करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों और 19 रेड जोन पर नजर रखी जा रही थी। साथ ही, लगभग 2500 मोबाइल नंबरों और NCRP पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद पुलिस इन कॉल सेंटरों तक पहुंची।

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नौकरी, लोन या बीमा के नाम पर आने वाले अनजान कॉल्स से सावधान रहें और किसी भी तरह के संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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