Advertising
Home दिल्ली Eye Test App: अब मोबाइल ऐप से कुछ ही सेकंड में पता...
Advertising
<

Eye Test App: अब मोबाइल ऐप से कुछ ही सेकंड में पता चल जाएगा मोतियाबिंद है या नहीं

172
Eye Test App: अब मोबाइल ऐप से कुछ ही सेकंड में पता चल जाएगा मोतियाबिंद है या नहीं

Eye Test App: अब मोबाइल ऐप से कुछ ही सेकंड में पता चल जाएगा मोतियाबिंद है या नहीं

विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः मोतियाबिंद की जांच अब आप अपने मोबाइल से भी कर सकते हैं। हाल ही में एक ऐसे ऐप का इस्तेमाल शुरू किया गया है, जिसमें ये सुविधा दी गई है। दावा किया जा रहा है कि मोबाइल ऐप पर जाकर अपनी आंखों की तस्वीर लीजिए और इसके कुछ ही सेकंड में यह पता चल जाएगा कि मोतियाबिंद की बीमारी है या नहीं। एक अस्पताल ने आम मरीजों में मोतियाबिंद की जांच इस ऐप के जरिए करना शुरू कर दिया है। दावा किया है कि जिन मरीजों में मोबाइल ऐप से मोतियाबिंद बताया गया था, अस्पताल में जांच के बाद उसमें से 90 पर्सेंट में मोतियाबिंद पाया गया। डॉक्टर का कहना है कि इससे मोतियाबिंद की जांच में तेजी आएगी, लोग जल्दी इलाज करा पाएंगे।

AIIMS News: ब्रेन सर्जरी के दौरान हनुमान चालीसा और हो गया ऑपरेशन, डॉक्टर्स कैसे करते हैं ये कमाल जानिए
शार्प साइट आई हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर और आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर समीर सूद ने कहा कि देश में ब्लाइंडनेस की सबसे प्रमुख वजह मोतियाबिंद है। समय पर बीमारी का पता नहीं चलना और देर से इलाज के लिए लोगों का आना इसका कारण बनता जा रहा है, लेकिन समय के साथ तकनीक में बदलाव हुआ है। पहले मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए हम इंतजार करते थे, मोतिया पकने के बाद सर्जरी की जाती थी। लोग बीमारी की वजह से परेशान होते थे। धुंधलापन और कम रोशनी में काम चलाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। कच्चा मोतिया की भी सर्जरी संभव है और इसका रिजल्ट भी अच्छा है। लेकिन यह तभी संभव है जब जांच में तेजी आए।

डॉक्टर सूद ने बताया कि हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके मोतियाबिंद की जांच शुरू की है। मोतिया है या नहीं, अब इसके लिए हर मरीज को जांच के लिए अस्पताल आने की जरूरत नहीं है और न ही डॉक्टरों को पूरी मशीन लेकर ग्रामीण इलाकों में जाने की जरूरत है। ऐप के जरिए आंखों की इमेज लेकर पता चल जाता है कि मोतियाबिंद है या नहीं। हमने एक कंपनी के साथ ऐप बनाया है। अभी यह ऐप आम लोगों के लिए शुरू नहीं किया गया है, लेकिन जब इसे शुरू कर दिया जाएगा, तो लोग अपने घर में खुद से अपनी आंखों की जांच कर पाएंगे।

Delhi Covid Update: दिल्ली में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरे दिन संक्रमण दर 4% से ऊपर, लेकिन एडमिशन कम
डॉक्टर ने कहा कि मोबाइल में इस ऐप को खोलकर फ्लैश ऑन करके अपनी आंखों की फोटो लेनी है। ऐप 30 सेंकंड में बता देगा कि मोतिया है या नहीं। डॉक्टर ने कहा कि हमारी टीम ने 5000 ऐसे मरीजों की इमेज ली, उसमें से सिर्फ 1000 मरीज ही जांच के लिए अस्पताल आए, लेकिन एक हजार में से 900 मरीजों में अस्पताल में भी मोतियाबिंद मिला, जिससे यह साबित हुआ कि ऐप 90 पर्सेंट तक कारगर है। इसके बाद कई मरीजों ने तुरंत अपनी सर्जरी करवाई और कई ने सर्जरी का प्लान किया है। अगर ऐसा नहीं होता तो वो लोग कम विजन के बाद भी जांच नहीं कराते और कम रोशनी में ही काम चलाते रहते। इससे समय के साथ उनकी बीमारी बढ़ती जाती।

दिल्ली की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Delhi News

Source link

Advertising