मेक्सिको: अल नीनो के प्रभाव से 'पोलो' तूफान 24 घंटे में बना 'बेहद खतरनाक' कैटेगरी-5 हरिकेन
मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के पास प्रशांत महासागर में उठा 'पोलो' तूफान असाधारण रूप से शक्तिशाली अल नीनो के प्रभाव से मात्र 24 घंटों के भीतर एक सामान्य उष्णकटिबंधीय तूफान से बदलकर 'बेहद खतरनाक'…
मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के पास प्रशांत महासागर में उठा 'पोलो' तूफान असाधारण रूप से शक्तिशाली अल नीनो के प्रभाव से मात्र 24 घंटों के भीतर एक सामान्य उष्णकटिबंधीय तूफान से बदलकर 'बेहद खतरनाक' कैटेगरी-5 हरिकेन बन गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस तूफान ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
अमेरिका के नेशनल हरिकेन सेंटर (एनएचसी) ने मंगलवार को बताया कि पोलो की अधिकतम निरंतर हवाओं की रफ्तार करीब 165 मील प्रति घंटा (270 किलोमीटर प्रति घंटा) तक पहुंच गई थी। उस समय इसका केंद्र मेक्सिको के जिहुआतानेजो शहर से लगभग 345 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। यह तूफान सोमवार को महज़ एक उष्णकटिबंधीय तूफान था, जिसकी हवाओं की गति 74 मील प्रति घंटे से कम थी, लेकिन अगले ही दिन इसकी ताकत में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हो गया।
भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
हालांकि विशेषज्ञों का हवाला देते हुए मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा है कि तूफान के सीधे ज़मीन से टकराने की आशंका कम है, फिर भी इसके प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का गंभीर खतरा बना हुआ है। एनएचसी के मुताबिक, तूफान के केंद्र से 65 किलोमीटर की दूरी तक हरिकेन जैसी और 169 किलोमीटर की दूरी तक उष्णकटिबंधीय तूफान जैसी तेज़ हवाएं चल रही हैं।
एनएचसी ने ग्युरेरो और मिचोआकान के तटीय इलाकों में 3 से 6 इंच तक बारिश होने का अनुमान जताया है, जबकि कुछ जगहों पर यह 8 इंच तक भी हो सकती है। ओआक्साका, कोलिमा और जलिस्को के तटों पर भी भारी वर्षा की संभावना है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ तटीय इलाकों में स्कूल बंद कर दिए हैं और समुद्र में ऊंची लहरों के साथ जानलेवा रिप करंट की चेतावनी भी जारी की है।
'सुपर अल नीनो' का असर
वैज्ञानिकों ने पोलो के इतनी तेज़ी से शक्तिशाली होने का मुख्य कारण इस साल के 'सुपर अल नीनो' को बताया है। यह मौसमी घटना प्रशांत महासागर में तूफानी गतिविधियों को बढ़ावा देती है। 'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को प्रशांत महासागर में अल नीनो से जुड़ी समुद्री सतह के तापमान में 3.05 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जो आधुनिक रिकॉर्ड में अब तक के उच्चतम स्तर के करीब है। विशेषज्ञों ने आने वाले महीनों में इसके और भी प्रबल होने की आशंका जताई है।
इनपुट: IANS



