जबरन वसूली मामला: TMC के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़ी 15 जगहों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता से जुड़े जबरन वसूली के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता से जुड़े जबरन वसूली के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने कोलकाता, उसके आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में एक स्थान सहित कुल 15 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई 31 जुलाई को की गई थी, जिसकी जानकारी एजेंसी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
तलाशी अभियान के दौरान सब्यसाची दत्ता के आवास, उनसे जुड़ी कंपनियों के दफ़्तरों और उनके सहयोगियों के ठिकानों की जाँच की गई। अधिकारियों ने इस दौरान 40.50 लाख रुपये नकद और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा ज़ब्त की है। इसके अलावा, दत्ता और उनके साथियों से जुड़े लगभग 150 बैंक और डीमैट खातों को भी फ़्रीज़ कर दिया गया है, जिनमें 9 अगस्त तक 13.9 करोड़ रुपये की रक़म जमा थी।
जाँच का आधार और आरोप
ED ने यह जाँच विधाननगर पुलिस स्टेशन (नॉर्थ) में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की थी। इस FIR में आरोप लगाया गया था कि सब्यसाची दत्ता और उनके सहयोगियों ने अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए जबरन वसूली का एक रैकेट चलाया। वे स्थानीय व्यापारियों को डरा-धमकाकर, मारपीट कर और आपराधिक साज़िश के ज़रिए पैसे वसूलते थे।
एजेंसी ने 23 जून 2026 को इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की थी। ED के मुताबिक़, जबरन वसूली से हुई कमाई के एक हिस्से को सोना, फिक्स्ड डिपॉज़िट, म्यूचुअल फ़ंड और अचल संपत्ति जैसी संपत्तियों में निवेश किया गया था।
शेल कंपनियों के ज़रिए निवेश
जाँच के दौरान कई अहम दस्तावेज़, लेज़र और डिजिटल डिवाइस भी ज़ब्त किए गए हैं। इन सबूतों से पता चलता है कि दत्ता और उनके सहयोगियों ने अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के लिए शेल कंपनियों का एक नेटवर्क बनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रिसिजन बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड, सॉफ्टलाइन मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड और अवम रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के ज़रिए पैसे को घुमाकर चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया। ED ने कहा है कि इस मामले में आगे की जाँच जारी है।
इनपुट: IANS



