बुधवार, 15 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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रोज़े के महीने में डायबिटीज के मरीज ध्यान रखें ये ज़रूरी बातें

चार या पांच मई को रमज़ान का चांद दिखने की संभावना है, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लिए बरकतों और रहमतों का पाक महीना यानी रमज़ान का महीना शुरू हो जाएगा।

रोज़े के महीने में डायबिटीज के मरीज ध्यान रखें ये ज़रूरी बातें

चार या पांच मई को रमज़ान का चांद दिखने की संभावना है, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के लिए बरकतों और रहमतों का पाक महीना यानी रमज़ान का महीना शुरू हो जाएगा। रमज़ान के दौरान रोज़ा रखने वाले तक़रीबन 12 से 15 घंटे तक भूखे-प्यासे रहते हैं। इतने लंबे वक़्त बिना कुछ खाए-पिए रहने से डायबिटीज के मरीज़ों की सेहत बिगड़ने का ख़तरा बना रहता हैं। ऐसे में ज़रूरत है अपनी सेहत का ख़ास ध्यान रखना। नीचे बताई गई ज़रूरी बातों का ख़्याल रखें।

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हेल्दी डाइट अपनाएं-  रोज़े रखने के दौरान अपनी डाइट में जितना हो सके उतना फल, सब्ज़ियों, दालों और दही को शामिल करें। रोज़ा खोलने के तुरंत बाद मीठी चीज़ें खाने से बचें और डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए शुगर फ्री ड्रिंक्स का सेवन करें या ज़्यादा से ज़्यादा मात्रा में पानी पिएं।

Roja food

डॉक्टर से सलाह लें- रोज़े रखने से पहले रोज़दारों को एक बार डॉक्टर सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। ये सवाल भी पूछना चाहिए की रोज़े रखने के दौरान ब्लड ग्लुकोज़ के स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए।

ज़्यादा ना खाएं-  रोज़े के दौरान भूखे रहने के कारण कुछ लोग सहरी के समय ज़रूरत से ज़्यादा ही खा लेते हैं, लेकिन साथ ज़्यादा खाने से डायबिटीज़ के मरीज़ों का ब्लड ग्लुकोज काफी बढ़ जाता है। इसीलिए हम आपको सलाह दे रहे हैं कि इफ़्तार के वक़्त ये ध्यान ज़रूर रेखें कि आप कितनी मात्रा में खा रहे हैं और क्या खा रहे हैं।

AJ

Akshay Jinghalia

अक्षय झिंगलिया News4Social के कंटेंट राइटर हैं, जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर की ख़बरों, राजनीति और समसामयिक विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्यों की सटीकता और संतुलित, ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग पर रहता है। सभी लेख देखें →

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