शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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दुर्ग: स्कूल में प्रतिबंधित दवा से 8 छात्र बीमार, एक ICU में भर्ती, जांच जारी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित एक सरकारी स्कूल में एक छात्र द्वारा अपने साथियों को चॉकलेट बताकर कथित रूप से प्रतिबंधित दवा खिलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में आठ छात्र बीमार पड़ गए, जिनमें से…

दुर्ग: स्कूल में प्रतिबंधित दवा से 8 छात्र बीमार, एक ICU में भर्ती, जांच जारी
(फोटो: IANS)

छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित एक सरकारी स्कूल में एक छात्र द्वारा अपने साथियों को चॉकलेट बताकर कथित रूप से प्रतिबंधित दवा खिलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में आठ छात्र बीमार पड़ गए, जिनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे आईसीयू में रखा गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संदिग्ध दवा छात्रों तक कैसे पहुंची।

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यह घटना दुर्ग के शासकीय चंद्रशेखर आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल की है। स्कूल की प्रभारी प्राचार्य नलिनी वर्मा के अनुसार, कक्षा 10वीं के एक छात्र तरुण गुप्ता ने अपने सहपाठियों को यह दवा दी थी। उन्होंने बताया कि यह दवा स्कूल परिसर के बाहर दी गई और प्रशासन को इसकी जानकारी तब हुई जब बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। 16 जुलाई को जब एक छात्र की तबीयत खराब हुई तो उसके परिवार को सूचित किया गया। अगले दिन एक और छात्र, नैतिक, की हालत गंभीर होने की खबर मिली, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा।

माता-पिता और प्रशासन का पक्ष

एक पीड़ित छात्र के. यादव के पिता ने बताया कि उन्हें पहले लगा कि बेटे को सामान्य सर्दी-खांसी है, लेकिन जब स्कूल के कई और बच्चों के बीमार होने का पता चला तो उन्हें किसी नशीले पदार्थ का संदेह हुआ। उन्होंने दवा देने वाले छात्र और उसे दवा उपलब्ध कराने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, गंभीर रूप से बीमार छात्र नैतिक रामटेक की मां सारिका रामटेक ने कहा कि 16 जुलाई को दवा खाने के बाद उनके बेटे की हालत लगातार बिगड़ती गई और गर्दन अकड़ने के बाद उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। दोनों अभिभावकों ने इस घटना के लिए स्कूल के शिक्षकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच

इस मामले पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यह घटना प्रदेश में फैलते नशे के नेटवर्क का संकेत है। उन्होंने कहा, "यह बेहद दुखद है कि नशे का जाल अब स्कूलों, कॉलेजों और यहां तक कि अस्पतालों तक पहुंच गया है।" उन्होंने राज्य सरकार से नशे की सप्लाई चेन पर कठोर कार्रवाई करने और शिक्षण संस्थानों के आसपास कड़ी निगरानी रखने की अपील की है।

स्कूल प्रशासन के मुताबिक, आरोपी छात्र तरुण गुप्ता ने दवा देने की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि उसे यह कहां से मिली। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह प्रतिबंधित दवा छात्र तक कैसे पहुंची और इस गिरोह के पीछे कौन लोग हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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