दुबई से प्रत्यर्पित ड्रग्स सिंडिकेट का सरगना वीरेंद्र बसोया NCB की हिरासत में, खुलेंगे बड़े राज़?
अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक बड़े रैकेट के कथित सरगना वीरेंद्र बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उससे सघन पूछताछ शुरू कर दी है। समाचार…
अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक बड़े रैकेट के कथित सरगना वीरेंद्र बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उससे सघन पूछताछ शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बसोया को रविवार को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 21 अगस्त तक NCB की हिरासत में भेज दिया गया है।
एजेंसी का मानना है कि बसोया विदेश में बैठकर भारत समेत कई देशों में फैले एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बसोया के प्रत्यर्पण को सरकार की ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए एजेंसियां समन्वित तरीके से काम कर रही हैं।
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
वीरेंद्र बसोया का नाम पहली बार 2024 में पुणे में 500 ग्राम मेफेड्रोन की बरामदगी के एक मामले में सामने आया था। NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशंस) नीरज गुप्ता के मुताबिक, मामला दर्ज होने के ठीक अगले दिन बसोया भारत छोड़कर दुबई भाग गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए NCB की मुंबई इकाई ने जांच अपने हाथ में ले ली और बसोया को पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया। बाद में, नवंबर 2025 में उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे UAE से भारत लाया जा सका।
भारी मात्रा में ड्रग्स बरामदगी से जुड़े तार
जांच एजेंसी के अनुसार, इस सिंडिकेट से जुड़े मामलों में अब तक भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त की जा चुकी है। पुणे में की गई कार्रवाई में करीब 867 किलोग्राम और दिल्ली में 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई थी, जिसकी कुल मात्रा लगभग 1,837 किलोग्राम है। NCB का आरोप है कि बसोया विदेश से ही इस नेटवर्क को निर्देश देता था और भारत से दूसरे देशों तक ड्रग्स की खेप पहुंचाने में उसकी अहम भूमिका थी।
पूछताछ से बड़े खुलासों की उम्मीद
NCB को उम्मीद है कि बसोया से हिरासत में पूछताछ के दौरान इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और विदेशी संपर्कों के बारे में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। एजेंसी इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
इनपुट: IANS



