पश्चिम बंगाल: 'स्कूल सुधार' अभियान से जुड़े वालंटियर के पिता की पीट-पीटकर हत्या, CJP ने बीजेपी पर लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए चलाए जा रहे एक अभियान से जुड़े वालंटियर के पिता की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस हमले का आरोप भारतीय जनता…
पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए चलाए जा रहे एक अभियान से जुड़े वालंटियर के पिता की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस हमले का आरोप भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है और घटना की कड़ी निंदा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, CJP ने कहा है कि यह हमला उन लोगों को डराने के लिए किया गया जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि उनकी पार्टी ने 'स्कूल ठीक करो' नाम से एक अभियान शुरू किया है। इसके तहत लोगों और अभिभावकों को अपने इलाके के सरकारी स्कूलों का 'सोशल ऑडिट' करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि सुधार की ज़रूरतों को पहचाना जा सके।
क्या है पूरा मामला?
सौरव दास के मुताबिक, 26 वर्षीय अब्दुल, जो पहले जंतर-मंतर पर CJP के 'चलो संसद' प्रदर्शन में भी शामिल हो चुके थे, इसी अभियान के तहत अपने क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल गए थे। उन्होंने वहां के शिक्षकों को बताया कि वे अगले दिन ऑडिट करने आएंगे।
CJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया, "उसी रात भाजपा के गुंडे अब्दुल के घर गए और बेरहमी से उनकी पिटाई की। जब उनके पिता अब्दुल को बचाने के लिए बीच-बचाव करने आए तो उन्होंने उन्हें भी बुरी तरह पीटा।"
इलाज के दौरान पिता की मौत
पार्टी को बाद में जानकारी मिली कि हमले में गंभीर रूप से घायल हुए अब्दुल के पिता की हालत बिगड़ गई थी और शाम को उनका निधन हो गया। सौरव दास ने कहा, "यह बिल्कुल निंदनीय है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि वे स्कूल-विरोधी और बुद्धिजीवी-विरोधी हैं, लेकिन लोग ऐसी गुंडागर्दी पर यकीन नहीं करते।"
CJP प्रतिनिधिमंडल करेगा मुलाकात
सौरव दास ने यह भी जानकारी दी कि CJP का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा। उन्होंने बताया, "आशुतोष रांका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अब्दुल और उनके परिवार से मिलने जाएगा। वे मांग करेंगे कि पुलिस दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।" पार्टी ने आश्वासन दिया है कि न्याय मिलने तक वे अब्दुल के परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
इनपुट: IANS



