ड्रग्स तस्करी मामला: मनी लॉन्ड्रिंग में दो आरोपी दोषी करार, मोहाली की विशेष अदालत ने सुनाई 3 साल की सजा
ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक अहम कामयाबी मिली है। चंडीगढ़ में ED के ज़ोनल ऑफिस-I द्वारा की गई जांच के बाद दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी ठहराया…
ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक अहम कामयाबी मिली है। चंडीगढ़ में ED के ज़ोनल ऑफिस-I द्वारा की गई जांच के बाद दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी ठहराया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला नशीले पदार्थों के कारोबार को समर्थन देने वाले वित्तीय नेटवर्क को खत्म करने की ED की कोशिशों को और पुख्ता करता है।
मामले में मोहाली स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत ने 3 सितंबर को अपना फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 3 के तहत अपराध का दोषी पाया गया, जिसके लिए धारा 4 के तहत सजा का प्रावधान है।
सजा और जुर्माना
अदालत ने दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह, दोनों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, प्रत्येक पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। ED ने यह जानकारी शनिवार को साझा की।
यह पूरा मामला 1.230 किलोग्राम कोकीन की तस्करी से जुड़ा है। ED ने इस मामले में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। इससे पहले, दोनों आरोपियों को NDPS एक्ट की धारा 22 और 29 के तहत भी दोषी ठहराया जा चुका है।
अपराध से हुई कमाई
ED की जांच के दौरान प्रतिबंधित सामग्री के लेन-देन से जुड़े 6 लाख रुपये नकद और 4 लाख रुपये के दो चेक बरामद हुए थे। अदालत ने अपने फैसले में यह माना कि जब्त की गई प्रतिबंधित सामग्री और चेक, दोनों PMLA, 2002 के तहत 'संपत्ति' की परिभाषा में आते हैं और इन्हें 'अपराध से हुई कमाई' माना जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि ये संपत्तियां मुख्य अपराध से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों का ही परिणाम थीं।
इनपुट: IANS



