ड्रग्स तस्करी की काली कमाई से तमिलनाडु में बनाया झींगा फार्म का कारोबार, ED ने 6 ठिकानों पर की छापेमारी
तमिलनाडु में नशीले पदार्थों की तस्करी से करोड़ों रुपये की काली कमाई को सफेद बनाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस सिलसिले में नागपट्टिनम जिले में 3 सितंबर 2026 को छह…
तमिलनाडु में नशीले पदार्थों की तस्करी से करोड़ों रुपये की काली कमाई को सफेद बनाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस सिलसिले में नागपट्टिनम जिले में 3 सितंबर 2026 को छह अलग-अलग जगहों पर एक साथ तलाशी ली। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई ड्रग्स तस्करी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा थी, जिसमें मुख्य आरोपी ने अवैध कमाई से झींगा फार्म और महंगी जमीनों का साम्राज्य खड़ा कर लिया था।
ईडी की जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), चेन्नई की एक शिकायत के बाद शुरू हुई। एनसीबी ने मेथम्फेटामाइन और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी के संबंध में स्पेशल कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। इस मामले का मुख्य आरोपी नागपट्टिनम के विलुंडमावडी का रहने वाला एम. एलेक्स है, जिसे एनसीबी ने 13 अप्रैल 2025 को मेथम्फेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड के साथ रंगे हाथों पकड़ा था।
कैसे हुआ मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा?
जांच में पता चला कि एम. एलेक्स ने ड्रग्स बेचकर करोड़ों रुपये कमाए और इस पैसे से अपने और परिवार वालों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं। इनमें नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी में स्थित झींगा फार्म, महंगी जमीनें और कई गाड़ियां शामिल हैं। ईडी के मुताबिक, एलेक्स और उसके पिता महालिंगम पर पहले भी तमिलनाडु पुलिस ने 2023 और 2024 में गांजा और मेथम्फेटामाइन तस्करी के कई मामले दर्ज किए थे।
काली कमाई को सफेद बनाने के लिए एक जटिल तरीका अपनाया गया था। आरोपी ड्रग्स से मिले पैसों को अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा करवाता था। इसके अलावा, उनके नाम पर कर्ज लिए जाते और फिर उन्हें नकद में चुका दिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में कई फर्जी संस्थाओं का भी इस्तेमाल किया गया।
छापेमारी में क्या मिला?
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत हुई इस छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। अधिकारियों ने कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों से पैसों के लेन-देन और जमीन व झींगा फार्म में किए गए निवेश का पता चलता है। मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



