बिल्कुल भी न खरीदें सस्ते स्मार्टफोन
आज कल बाजार में स्मार्टफोन बहुत ही सस्ते दरों पर मिल जा रहे है। इनकी कीमत़ इतनी सस्ती है की इतनी किमत पर अपने मोबाईल फोन के लिए बैटरी और डेटा कार्ड भी नहीं…
आज कल बाजार में स्मार्टफोन बहुत ही सस्ते दरों पर मिल जा रहे है। इनकी कीमत़ इतनी सस्ती है की इतनी किमत पर अपने मोबाईल फोन के लिए बैटरी और डेटा कार्ड भी नहीं खरीद सकते है।
सस्ते स्मार्टफोन में फर्जीवाड़े की गुजांइश ज्यादा
जिस कीमत में एक स्मार्टफोन की बैट्री या मेमीरी कार्ड खरीदना मुश्किल है उस कीमत पर मोबाइल मिलना, वाकई चौंकाने वाली बात है. इतनी कम कीमत पर बिक रहे प्रोडक्ट की क्वालिटी का तो आप अंदाजा लगा ही सकते हैं. इसलिए इस तरह के स्मार्टफोन में पैसे लगाना सिर्फ पैसे की बर्बादी है. बेहतर है कि आप लालच में न पड़ें।
सस्ते कमजोर सॉफ्टवेयर
मोबाइल या टेक डिवाइस में उसका साफ्टवेयर एक अहम भूमिका निभाता है, अगर आपका सॉफ्टवेयर कमजोर और सस्ता हुआ तो आपके फोन का डेटा चुराना और भी आसान हो जाता है. इतना ही नहीं आपका सॉफ्टवेयर पैच अपडेट होना मुश्किल हो जाता है. साथ ही कैमरा क्वालिटी के साथ भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुराने और सस्ते हार्डवेयर पार्ट
सस्ते स्मार्टफोन वाली कंपनियां अपने फोन में घटिया और बेहद कम कीमत वाले हार्डवेयर का इस्तेमाल करती हैं. इतना ही नहीं इनके कई पार्ट आउटडेटेड होते हैं जो बाद में मिलना मुश्किल होता है. इसलिए बेहद सस्ते फोन के चक्कर में फंसकर फोन की क्वालिटी के साथ समझौता करना फायदा का सौदा नहीं है।
कोई वारंटी नहीं
आमतौर पर जब हम किसी अच्छी कंपनी का स्मार्टफोन खरीदते है तो ये सोचकर निश्चिंत रहते हैं कि एक साल तक कोई भी खराबी होने पर कंपनी इसे फ्री में ठीक कर देगी. लेकिन इस तरह के सस्ते स्मार्टफोन की कोई वांरटी नहीं होती और इनके सर्विस सेंटर भी कम होते है।
कोई अपडेट नहीं
आपको बता दें की सस्ते स्मार्टफोन में अपडेट की सुविधा नहीं होती है। अच्छे स्मार्टफोन के लगातार चलाने के लिए आपको इसे समय-समय पर अपडेट करना होता है। लेकिन सस्ते फोन में अपडेट की कोई अच्छी सुविधा नहीं होती है।
सस्ते कमजोर सॉफ्टवेयर
मोबाइल या टेक डिवाइस में उसका साफ्टवेयर एक अहम भूमिका निभाता है, अगर आपका सॉफ्टवेयर कमजोर और सस्ता हुआ तो आपके फोन का डेटा चुराना और भी आसान हो जाता है. इतना ही नहीं आपका सॉफ्टवेयर पैच अपडेट होना मुश्किल हो जाता है. साथ ही कैमरा क्वालिटी के साथ भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुराने और सस्ते हार्डवेयर पार्ट
सस्ते स्मार्टफोन वाली कंपनियां अपने फोन में घटिया और बेहद कम कीमत वाले हार्डवेयर का इस्तेमाल करती हैं. इतना ही नहीं इनके कई पार्ट आउटडेटेड होते हैं जो बाद में मिलना मुश्किल होता है. इसलिए बेहद सस्ते फोन के चक्कर में फंसकर फोन की क्वालिटी के साथ समझौता करना फायदा का सौदा नहीं है।
कोई वारंटी नहीं
आमतौर पर जब हम किसी अच्छी कंपनी का स्मार्टफोन खरीदते है तो ये सोचकर निश्चिंत रहते हैं कि एक साल तक कोई भी खराबी होने पर कंपनी इसे फ्री में ठीक कर देगी. लेकिन इस तरह के सस्ते स्मार्टफोन की कोई वांरटी नहीं होती और इनके सर्विस सेंटर भी कम होते है।
कोई अपडेट नहीं
आपको बता दें की सस्ते स्मार्टफोन में अपडेट की सुविधा नहीं होती है। अच्छे स्मार्टफोन के लगातार चलाने के लिए आपको इसे समय-समय पर अपडेट करना होता है। लेकिन सस्ते फोन में अपडेट की कोई अच्छी सुविधा नहीं होती है।



